असम में आधार कार्ड के आंकड़ों की मदद से दिव्यांग बच्ची अपने परिजनों से मिली

असम में आधार कार्ड के आंकड़ों की मदद से दिव्यांग बच्ची अपने परिजनों से मिली

असम में आधार कार्ड के आंकड़ों की मदद से दिव्यांग बच्ची अपने परिजनों से मिली
Modified Date: April 25, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: April 25, 2026 10:13 pm IST

गुवाहाटी, 25 अप्रैल (भाषा) असम में आधार नामांकन प्रक्रिया के दौरान संग्रहित बायोमेट्रिक्स डेटा की मदद से एक दिव्यांग बच्ची को लगभग एक साल बाद शनिवार को उसके परिजनों से मिला दिया गया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 29 मई 2025 को डिब्रूगढ़ जिले में नामरूप के दिल्ली घाट में स्थानीय निवासियों ने बच्ची को अकेले घूमते हुए पाया था।

उसी दिन स्थानीय लोगों ने उसे पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद डिब्रूगढ़ में बाल कल्याण समिति ने उसे देखभाल और संरक्षण के लिए दुलियाजान स्थित मृणालज्योति ज्योतिनिवास बाल गृह में भेज दिया।

चूंकि बौद्धिक अक्षमता के कारण लड़की संवाद करने में असमर्थ थी, इसलिए बाल गृह के अधीक्षक ने बच्ची की पहचान करने में सहायता के लिए गुवाहाटी स्थित यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क किया।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के अधिकारियों ने सलाह दी कि आधार नामांकन के लिए उसके फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक्स जमा किए जाएं ताकि मौजूदा आधार रिकॉर्ड के साथ संभावित मिलान हो सके।

बायोमेट्रिक विवरण प्राप्त होने के बाद आधार प्रणाली ने सफलतापूर्वक उसके मौजूदा रिकॉर्ड का मिलान किया, जिससे उसके घर का पता चराइदेव जिले में लगाने में मदद मिली।

आधार कार्ड के विवरण के आधार पर अधिकारियों ने उसके परिवार का पता लगा लिया और बोरहाट चाय बागान में बच्ची को उसके परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली।

भाषा

शुभम माधव

माधव


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