आरोपपत्र की जानकारी सार्वजनिक होने से अदालत की कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा: गृह मंत्री

आरोपपत्र की जानकारी सार्वजनिक होने से अदालत की कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा: गृह मंत्री

आरोपपत्र की जानकारी सार्वजनिक होने से अदालत की कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा: गृह मंत्री
Modified Date: September 10, 2024 / 02:20 pm IST
Published Date: September 10, 2024 2:20 pm IST

बेंगलुरु, 10 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि रेणुकास्वामी हत्या मामले में आरोपपत्र का ब्योरा सार्वजनिक होने से अदालत की कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इस मामले में कन्नड अभिनेता दर्शन थुगुदीपा और 16 अन्य आरोपी हैं।

परमेश्वर ने कहा कि पुलिस द्वारा संबंधित अदालत को जमा किए गए आरोपपत्र और साक्ष्यों के आधार पर मामला आगे बढ़ेगा।

जब गृह मंत्री से पूछा गया कि क्या बाहर आ रही आरोपपत्र संबंधी जानकारी से आगे जांच पर कोई असर पड़ेगा तो उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, किसी के सार्वजनिक रूप से बोलने मात्र से अदालत इसका संज्ञान नहीं लेती। वे दस्तावेजों के आधार पर मामले के गुण-दोषों को और साक्ष्यों को देखेंगे।’’

पुलिस ने पिछले सप्ताह इस मामले में अदालत में 3,991 पन्नों का प्रारंभिक आरोपपत्र जमा किया था।

आरोपपत्र की जानकारी सामने आने के संबंध में आपत्तियों और दर्शन के इस बाबत अदालत जाने को लेकर एक सवाल पर परमेश्वर ने कहा, ‘‘आरोपपत्र दायर होने के बाद इसे दूसरे पक्ष के वकीलों को भी दिया जाता है। यह अब गोपनीय दस्तावेज नहीं रहता। यह सार्वजनिक रूप से सामने आएगा और इसे रोका नहीं जा सकता।’’

आरोपपत्र का विवरण मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से कथित रूप से जुड़े भूमि आवंटन घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए उजागर किये जाने के आरोपों पर परमेश्वर ने कहा कि ये अलग-अलग मामले हैं।

भाषा वैभव नरेश

नरेश


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