विजयन को गले नहीं लगाएं, लेकिन ईडी और मोदी सरकार के मददगार भी नहीं बनें राहुल : माकपा

विजयन को गले नहीं लगाएं, लेकिन ईडी और मोदी सरकार के मददगार भी नहीं बनें राहुल : माकपा

विजयन को गले नहीं लगाएं, लेकिन ईडी और मोदी सरकार के मददगार भी नहीं बनें राहुल : माकपा
Modified Date: June 13, 2026 / 04:50 pm IST
Published Date: June 13, 2026 4:50 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केरल की राजनीति को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में की गई टिप्पणी पर शनिवार को कहा कि उन्हें सिर्फ इतनी सलाह दी गई है कि वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और मोदी सरकार के लिए ‘मददगार’ बनने से बचें।

माकपा महासचिव एम ए बेबी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा, ‘‘कोई भी राहुल गांधी से यह नहीं कह रहा कि वह पिनराई विजयन को गले लगाएं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके उलट, हम उनसे केवल यह कह रहे हैं कि वह पिनराई विजयन और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग कर ईडी और मोदी सरकार का मददगार बनने से बचें। यह विपक्ष के नेता का काम नहीं है।’’

बेबी की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा आठ जून को हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में उनके द्वारा दिये गए संबोधन को शुक्रवार को सार्वजनिक किए जाने के एक दिन बाद आई।

गांधी ने बैठक में कहा था, ‘‘हमारे अपने राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन यदि आप मुझसे कह रहे हैं कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को जाकर गले लगाऊं, तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा, क्योंकि मेरा उनके साथ राजनीतिक संघर्ष जारी है।’’

वह केरल विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा तत्कालीन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार पर किए गए हमलों को लेकर माकपा की आपत्ति के संदर्भ में यह बात कह रहे थे।

गांधी ने यह भी कहा था, ‘‘हमें लचीला रुख अपनाना होगा और यह समझना होगा कि हमारे खिलाफ पूरी ताकत से हमला किया जा रहा है, ताकि यह साबित किया जा सके कि विपक्ष कमजोर और बिखरा हुआ है।’’

सूत्रों के अनुसार, माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने चुनाव प्रचार के दौरान लगाए गए आरोपों पर बैठक के दौरान चिंता जताई थी।

कांग्रेस ने केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान वाम दल और भाजपा के बीच कथित ‘मौन सहमति’ होने का आरोप लगाया था।

बैठक से पहले बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर इन आरोपों पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि इस तरह के आरोप विपक्षी गठबंधन की सहयोगात्मक भावना के अनुरूप नहीं हैं।

भाषा हक दिलीप

दिलीप


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