तेलंगाना आरटीसी की हड़ताल के दौरान आत्मदाह का प्रयास करने वाले चालक की मौत, अनुग्रह राशि घोषित

तेलंगाना आरटीसी की हड़ताल के दौरान आत्मदाह का प्रयास करने वाले चालक की मौत, अनुग्रह राशि घोषित

तेलंगाना आरटीसी की हड़ताल के दौरान आत्मदाह का प्रयास करने वाले चालक की मौत, अनुग्रह राशि घोषित
Modified Date: April 25, 2026 / 01:29 am IST
Published Date: April 25, 2026 1:29 am IST

हैदराबाद, 24 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीआरटीसी) की हड़ताल के दौरान 23 अप्रैल को दिन में आत्मदाह करने की कोशिश करने वाले एक चालक की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

टीआरटीसी कर्मियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को किये जा रहे प्रदर्शन के दौरान वारंगल जिले के नरसामपेट में 55 वर्षीय चालक शंकर गौड़ ने खुद पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा ली थी।

कर्मचारी आरटीसी के सरकार में विलय सहित कई मांगों को लेकर 22 अप्रैल को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे।

गंभीर रूप से झुलसे गौड़ को पहले वारंगल के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उन्नत उपचार के लिए हैदराबाद के एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार देर रात 1.30 गौड़ की मृत्यु हो गई।’’

उन्होंने बताया कि चालक के शव को अंतिम संस्कार के लिए वारंगल जिले में उसके रिश्तेदार के गांव मुत्तोजीपेट ले जाया गया।

मुत्तोजीपेट में उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब परिवार के सदस्यों और टीआरटीसी कर्मचारियों ने शव को नरसामपेट बस स्टेशन ले जाने का प्रयास किया ताकि अपने सहकर्मी को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें।

हालांकि, पुलिस ने कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।

इससे अंतिम संस्कार से पहले गतिरोध पैदा हो गया।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने शव को नरसामपेट बस स्टेशन ले जाने की अनुमति न देने के लिए तेलंगाना सरकार की कड़ी आलोचना की।

गृह राज्य मंत्री कुमार ने मुत्तोजीपेट गांव का दौरा किया और गौड़ को श्रद्धांजलि दी।

बंडी संजय कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘परिवार के सदस्य शव को पांच मिनट के लिए बस डिपो ले जाना चाहते हैं। क्या टीआरटीसी डिपो पाकिस्तान में है या बांग्लादेश में? वे शव को वहां ले जाने को लेकर भावुक हैं। सरकार भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है और टीआरटीसी कर्मचारियों में डर पैदा कर रही है।’’

उन्होंने पुलिस के प्रति आक्रोश व्यक्त किया और धरना दिया।

टीआरटीसी कर्मचारियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शव को एंबुलेंस में नरसामपेट ले जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

बाद में, पुलिस के साथ चर्चा के बाद परिवार के सदस्य और कर्मचारी गांव में ही अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गए। संजय कुमार परिवार के फैसले का सम्मान करते हुए अंतिम संस्कार के बाद वहां से चले गए।

इस बीच, सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारियों की समिति और उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल उप-समिति ने प्रदर्शनकारी कर्मियों के मंच ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) के साथ देर रात तक मैराथन बातचीत की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।

परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने घोषणा की कि गौड़ के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, एक घर और एक सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।

एक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी कर्मचारी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। टीआरटीसी कर्मचारियों की जेएसी ने 24 से 29 अप्रैल तक मौन मार्च और ज्ञापन सौंपने सहित अपने विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है।

भाषा सुमित धीरज

धीरज


लेखक के बारे में