गुरुग्राम में घर ख़रीदारों के साथ ‘धोखाधड़ी’ : ईडी ने तीन राज्यों की पुलिस को लिखा पत्र

गुरुग्राम में घर ख़रीदारों के साथ 'धोखाधड़ी' : ईडी ने तीन राज्यों की पुलिस को लिखा पत्र

गुरुग्राम में घर ख़रीदारों के साथ ‘धोखाधड़ी’ : ईडी ने तीन राज्यों की पुलिस को लिखा पत्र
Modified Date: May 21, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: May 21, 2026 10:07 pm IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन राज्यों की पुलिस को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि गुरुग्राम स्थित रियल एस्टेट फर्म ‘ओशन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड’ के गिरफ्तार प्रवर्तक स्वराज सिंह यादव की ओर से धमकियां मिलने का आरोप लगाने वाले घर ख़रीदारों और गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाए।

नवंबर 2025 में, केंद्रीय एजेंसी ने यादव को धन शोधन के उस मामले में गिरफ्तार किया था, जो मनमाने तरीके से आवंटन रद्द करने और पुनः आवंटन के जरिये किफायती आवास परियोजनाओं के ख़रीदारों को कथित रूप से धोखा देने से संबंधित है।

यादव द्वारा 18 मई को नियमित जमानत के लिए दायर याचिका की सुनवाई के दौरान, कुछ पीड़ितों ने दिल्ली की निर्दिष्ट अदालत को इस जांच के तहत ईडी के समक्ष गवाही देने के सिलसिले में उन्हें दी जा रही ‘‘धमकी’’, ‘‘डराने-धमकाने’’ और ‘‘दबावपूर्ण रणनीति’’ के बारे में सूचित किया।

पीड़ितों ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (पटियाला हाउस अदालत) शेफाली बरनाला टंडन को बताया कि उक्त तिथि को अदालत के बाहर इंतजार करते समय एक व्यक्ति ने उनका वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया था।

सेना के एक अधिकारी और एक वरिष्ठ नागरिक सहित कुछ अन्य पीड़ितों ने अदालत को बताया कि यादव के इशारे पर उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। अदालत को यह भी बताया गया कि उनमें से कुछ के खिलाफ राजस्थान में ‘‘झूठी’’ प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यादव और उसके सहयोगी ‘‘माफिया’’ की तरह काम कर रहे हैं।

ईडी के जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि ‘‘उन्हें मौजूदा मामले के पीड़ितों/घर ख़रीदारों को आरोपी स्वराज सिंह यादव के इशारे पर धमकी मिलने की 10 शिकायतें मिली हैं।’’

अदालत ने 18 मई के अपने आदेश में कहा, ‘‘जांच अधिकारी ने यह भी बताया है कि अभियोजन पक्ष के गवाहों को भी आरोपी स्वराज सिंह की ओर से फोन आ रहे हैं, ताकि वे ईडी को दिये गए अपने बयानों से मुकर जाएं और उनके पक्ष में गवाही दें।’’

यह देखते हुए कि कई पीड़ितों ने ‘‘अपने जीवन और स्वतंत्रता के लिए एक स्पष्ट और वास्तविक आशंका लगातार व्यक्त की है’’, अदालत ने नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को आदेश दिया कि जब तक ईडी गवाहों की उचित सुरक्षा उपाय नहीं करती, पीड़ितों के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

एजेंसी ने गुरुग्राम (हरियाणा) के पुलिस आयुक्त और उसके आर्थिक अपराध इकाई (यादव और उसकी कंपनी के खिलाफ मामले में मुख्य एजेंसी) को भी पत्र लिखकर उक्त अदालती आदेश और पीड़ितों को मिल रही धमकियों के बारे में सूचित किया।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने राजस्थान के पुलिस महानिरीक्षक (जयपुर रेंज) को भी पत्र लिखकर यादव से कथित तौर पर जुड़े कुछ व्यक्तियों द्वारा पीड़ितों के खिलाफ दर्ज कराई जा रही ‘‘झूठी’’ प्राथमिकी के बारे में जानकारी दी।

एजेंसी द्वारा हरियाणा नगर एवं ग्रामीण योजना निदेशालय को ओशन सेवन बिल्डटेक और यादव द्वारा कथित वित्तीय हेराफेरी के संबंध में एक आधिकारिक पत्र भी भेजा गया है ताकि वे कंपनी और उसके प्रवर्तक के खिलाफ कार्रवाई कर सकें।

अदालत ने मामले की सुनवाई 23 मई के लिए तय करते हुए कहा, ‘‘पीड़ितों और गवाहों को डराने-धमकाने और चुप कराने का कोई भी प्रयास आपराधिक न्याय प्रणाली के मूल सिद्धांतों पर प्रहार करता है।’’

भाषा सुभाष नरेश

नरेश


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