विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के अपने समकक्षों के साथ वार्ता की

विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के अपने समकक्षों के साथ वार्ता की

विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के अपने समकक्षों के साथ वार्ता की
Modified Date: March 17, 2026 / 12:16 am IST
Published Date: March 17, 2026 12:16 am IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के समकक्षों से मुलाकात कर यूक्रेन और पश्चिम एशिया में वैश्विक तनाव के मुद्दों पर चर्चा की तथा यूरोप के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने पर बल दिया।

बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स के दो-दिवसीय दौरे पर पहुंचे जयशंकर ने ईयू के विदेश मामलों की परिषद की बैठक में भाग लिया। इसके लिए उन्हें ईयू की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने आमंत्रित किया था।

जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद यह भारत की ब्रसेल्स स्थित यूरोपीय संघ में पहली उच्च स्तरीय यात्रा है।

विदेश मंत्री ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष अर्सुला फॉन डेर लायन और जर्मनी, यूनान व बेल्जियम के समकक्षों से अलग-अलग बैठकें कीं।

उन्होंने कहा, ‘‘2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हो गया है।’’

विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी आज की बातचीत में विशेष रूप से व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, आवागमन और रक्षा पर चर्चा हुई।

जयशंकर ने कहा कि बहुध्रुवीय विश्व में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत तालमेल, उनके निरंतर जारी करीबी परामर्शों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष, यूक्रेन की स्थिति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विचार-विमर्श हुआ।

मुक्त व्यापार समझौते के अलावा भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में सुरक्षा और रक्षा साझेदारी व आवागमन पर सहयोग के लिए व्यापक ढांचा तैयार किया गया। यूरोपीय संघ ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा और यूरोपीय सुरक्षा रणनीति पर भी चर्चा की।

जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है।

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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