गुजरात के पाटन में दो मृतकों के परिजनों का दावा, जहरीली शराब की वजह से हुई मौत

गुजरात के पाटन में दो मृतकों के परिजनों का दावा, जहरीली शराब की वजह से हुई मौत

गुजरात के पाटन में दो मृतकों के परिजनों का दावा, जहरीली शराब की वजह से हुई मौत
Modified Date: August 31, 2026 / 10:34 pm IST
Published Date: August 31, 2026 10:34 pm IST

पाटन(गुजरात), 31 अगस्त (भाषा) गुजरात के पाटन जिले में दो मृतकों के परिजनों ने सोमवार को आरोप लगाया कि उनकी मौत शराब पीने से हुई है, लेकिन पुलिस ने इलाके में शराब की बिक्री के दावों को बेबुनियाद बताया।

गुजरात में शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर रोक है। पाटन जिले से ये आरोप तब सामने आए, जब भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई थी।

स्थानीय कांग्रेस विधायक दिनेश ठाकोर ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके बार-बार कहने के बावजूद चनासमा तालुका में शराबबंदी लागू करने में वह नाकाम रही है।

हालांकि जिला पुलिस अधीक्षक वी.के. नाई ने कहा कि पिछले पांच दिनों में अलग-अलग हुई दो मौतों का अवैध शराब पीने से कोई संबंध नहीं था।

उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों ने कभी पुलिस से संपर्क नहीं किया और बिना किसी पोस्टमार्टम के ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया, इसलिए अब मौत का कारण पता लगाना असंभव है।

भटसार गांव निवासी सुमित रावल ने दावा किया कि शराब पीने के बाद उनके पिता रमेश रावल की मौत हो गई।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हम मांग करते हैं कि सरकार हमारे इलाके में शराब की बड़े पैमाने पर हो रही बिक्री को रोके, ताकि किसी और को भी ऐसी हालत का सामना न करना पड़े। मेरे पिता आठ से दस साल से शराब पी रहे थे। हमने पुलिस को शराब की बिक्री के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने कभी कोई कार्रवाई नहीं की।’’

इटोडा गांव निवासी कृष्णाबेन ने बताया कि शराब पीने की वजह से उनके पति की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इलाके में शराब मिलती है और कार्रवाई की मांग की।

पुलिस अधीक्षक नाई ने कहा कि इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन गांवों में शराब की बिक्री नहीं होती है और न ही यहां कोई चिन्हित शराब तस्कर सक्रिय है। पूरे जिले में एक अभियान चलाया गया, जिसके तहत शराबबंदी के 696 मामले दर्ज किए गए और बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई। पुलिस एक सघन अभियान चला रही है और यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है कि शराब उपलब्ध न हो।’’

भाषा धीरज माधव

माधव


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