कृषि ऋण माफी : रोहित पवार ने ‘कड़े’ शर्तों के खिलाफ 29 जून को ‘जेल भरो’ आंदोलन की चेतावनी दी

कृषि ऋण माफी : रोहित पवार ने ‘कड़े’ शर्तों के खिलाफ 29 जून को ‘जेल भरो’ आंदोलन की चेतावनी दी

कृषि ऋण माफी : रोहित पवार ने ‘कड़े’ शर्तों के खिलाफ 29 जून को ‘जेल भरो’ आंदोलन की चेतावनी दी
Modified Date: June 27, 2026 / 07:41 pm IST
Published Date: June 27, 2026 7:41 pm IST

बीड, 27 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की नयी कृषि ऋण माफी योजना से जुड़ी ‘सख्त’ शर्तों को वापस नहीं लेने पर 29 जून को ‘जेल भरो’ आंदोलन की घोषणा की।

विधायक ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता छत्रपति संभाजीनगर में आंदोलन करेंगे।

उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन को दबाने की सरकार की किसी भी कोशिश के ‘गंभीर परिणाम’ होंगे। रोहित पवार ने इसी महीने पंढरपुर में राज्य सरकार की योजना से ‘कड़ी’ शर्तों को हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।

हालांकि बाद में मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया।

रोहित पवार ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पंढरपुर में अनशन के दौरान दिये गये आश्वासन को पूरा करने में राज्य सरकार विफल रही है।

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने दो जून को 36,585 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना को मंजूरी दी थी, जिससे करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

कर्जत-जामखेड़ से विधायक पवार किसानों के लिए बिना किसी शर्त के संपूर्ण ऋण माफी की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि योजना में शामिल ‘कड़ी शर्तों’ के कारण बड़ी संख्या में पात्र किसान इसके लाभ से वंचित रह गए हैं।

रोहित पवार ने कहा कि जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने वादा किया था कि महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र से पहले, 22 जून तक एक बैठक आयोजित कर सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और सरकार ‘पंढरपुर की पवित्र भूमि’ पर किया गया अपना वादा निभाने में विफल रही है।

पवार ने सरकार की कथित निष्क्रियता के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता द्वारा 29 जून को छत्रपति संभाजीनगर में ‘जेल भरो’ आंदोलन किये जाने की घोषणा की।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश


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