तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी के आरोप में पूर्व मंत्री राधाकृष्णन गिरफ्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी के आरोप में पूर्व मंत्री राधाकृष्णन गिरफ्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी के आरोप में पूर्व मंत्री राधाकृष्णन गिरफ्तार
Modified Date: July 3, 2026 / 03:22 pm IST
Published Date: July 3, 2026 3:22 pm IST

तूतीकोरिन (तमिलनाडु), तीन जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित मानहानिकारक टिप्पणी से जुड़े मामले में मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के पूर्व मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन को शुक्रवार को यहां गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि राधाकृष्णन यहां से करीब 23 किलोमीटर दूर आत्तूर के दौरे पर थे तभी उन्हें गिरफ्तार कर वहां खड़ी पुलिस जीप तक ले जाया गया।

राधाकृष्णन के समर्थक मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए नारे लगाए।

द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में निरीक्षण कर रहे राधाकृष्णन की गिरफ्तारी को लेकर जल्दबाजी पर सवाल उठाया और दावा किया कि सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने एक विधायक की कथित संलिप्तता वाले सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़ित महिला की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘इतनी जल्दबाजी क्यों? क्या यही वह बदलाव है, जिसे हत्याएं, लूटपाट और महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध रोकने में नाकाम तथा दूसरे दलों के सदस्यों को अपने साथ जोड़ने में व्यस्त यह सरकार सुनिश्चित करना चाहती है?’’

स्टालिन ने सवाल किया कि अगर मानहानि के मामलों में गिरफ्तारियां की जाएंगी, तो अपने भाषणों के लिए कितने मंत्रियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री को लगता है कि वह उन्हें वोट देने वाले लोगों के लिए कोई अच्छा काम किए बिना, विधायकों की खरीद-फरोख्त के सहारे अपनी कुर्सी बचा सकते हैं और उनकी आलोचना करने वाले विपक्षी दल के सदस्यों को गिरफ्तार कराकर समय बिता सकते हैं। अहंकार विनाश का मार्ग है।’’

द्रमुक सांसद कनिमोई ने भी गिरफ्तारी की निंदा की और ‘एक्स’ पर कहा कि पार्टी ऐसी ‘‘दमनकारी रणनीति’’ के आगे नहीं झुकेगी।

तिरुचेंदूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राधाकृष्णन ने 20 जून को मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद टीवीके ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने बताया कि विधायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (शांति भंग कराने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और धारा 353(2) (सार्वजनिक शांति को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देना) के तहत मामले दर्ज किए गए।

न्यायमूर्ति जी. के. इलंथिरैयन ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए मौखिक टिप्पणी की थी कि राधाकृष्णन को विधानसभा सदस्य होने के नाते ऐसे बयान नहीं देने चाहिए थे।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन


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