GST Cut on Smartphones: क्या अब सस्ते होंगे स्मार्टफोन? सरकार दे सकती है बड़ा तोहफा! GST रेट में कटौती की खबर से गिर सकते हैं दाम!
GST Cut on Smartphones: वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों ने कम टैक्स व्यवस्था अपनाकर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत किया है और स्मार्टफोन अपनाने की दर बढ़ाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, किफायती फोने के लिए अलग GST ढांचा सिर्फ टैक्स छूट नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के विकास के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा सकता है।
(GST Cut on Smartphones/ Image Credit: AI-generated)
- 25,000 रुपये से कम फोन पर GST 5% करने का सुझाव।
- महंगे स्मार्टफोन पर 18% टैक्स जारी रखने की बात।
- रिपोर्ट GT Bharat और PWIF ने तैयार की।
नई दिल्ली: GST Cut on Smartphones: देश में 25,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर जीएसटी को 18% से घटाकर 5% करने का सुझाव दिया या है। वही, इससे अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन पर मौजूदा 18% टैक्स दर जारी रखने की बात कही गई है। यह सुझाव ग्रांट थॉर्नटन (GT) भारत और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन (PWIF) की संयुक्त रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है जो बुधवार को जारी की गई।
मौजूदा टैक्स ढांचे पर सवाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मौजूदा 18% जीएसटी दर अब डिजिटल अर्थव्यवस्था में स्मार्टफोन की भूमिका को सही तरह से नहीं दर्शाती। आज स्मार्टफोन सिर्फ एक लग्जरी प्रोडक्ट नहीं, बल्कि डिजिटल सेवाओं, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का एक जरूरी साधन बन चुका है। ऐसे में एक समान टैक्स दर गरीब और मध्यम वर्ग पर ज्यादा बोझ डालती है
डिजिटल इंडिया और समावेशन को मिलेगा बढ़ावा
रिपोर्ट के अनुसार, अगर सस्ते स्मार्टफोन पर टैक्स कम किया जाता है तो पहली बार फोन खरीदने वाले और कम आय वाले लोगों के लिए यह अधिक किफायती हो जाएगा। इससे सरकार के डिजिटल इंडिया, वित्तीय समावेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एंट्री-लेवल और प्रीमियम फोन पर एक जैसी टैक्स दर डिजिटल समावेशन को धीमा करती है।
कीमत अभी भी बड़ी बाधा
रिपोर्ट में बताया गया है कि 25,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन भारत के कुल शिपमेंट का लगभग दो-तिहाई हिस्सा हैं। यह सेगमेंट मुख्य रूप से ग्रामीण परिवारों, छात्रों, महिलाओं और पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वालों को कवर करता है। इसके बावजूद भारत में करीब 35 करोड़ लोग अभी भी फीचर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे साफ है कि कीमत अब भी एक बड़ी बाधा है।
डिजिटल और आर्थिक विकास
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देश कम टैक्स स्ट्रक्चर अपनाकर स्मार्टफोन अपनाने की दर बढ़ा रहे हैं और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत कर रहे हैं। भारत में स्मार्टफोन पर इनडायरेक्ट टैक्स दुनिया में सबसे ज्यादा माने जाते हैं। इसलिए किफायती स्मार्टफोन के लिए अलग GST फ्रेमवर्क को सिर्फ टैक्स छूट नहीं, बल्कि एक रणनीतिक नीतिगत कदम के रूप में देखने की बात कही गई है जो देश के डिजिटल और आर्थिक विकास को तेज कर सकता है।
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