बहत्तर-वर्षीय बुजुर्ग को लूटने व अगवा करने के मामले में अशोक चक्र विजेता समेत चार गिरफ्तार

बहत्तर-वर्षीय बुजुर्ग को लूटने व अगवा करने के मामले में अशोक चक्र विजेता समेत चार गिरफ्तार

बहत्तर-वर्षीय बुजुर्ग को लूटने व अगवा करने के मामले में अशोक चक्र विजेता समेत चार गिरफ्तार
Modified Date: May 13, 2026 / 10:30 pm IST
Published Date: May 13, 2026 10:30 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) दक्षिण दिल्ली के सैनिक फार्म इलाके में 72-वर्षीय एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को कथित तौर पर ‘हनी-ट्रैप’ में फंसाने, उनका अपहरण करने और लूटपाट करने के आरोप में सेना के एक सेवारत जवान और अशोक चक्र विजेता सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बुजुर्ग के साथ कथित तौर पर मारपीट की, उनके घर से नकदी, गहने और दस्तावेज लूट लिये और फिर उनकी ही कार में उनका अपहरण कर लिया। बाद में, उनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने की कोशिश की और इसमें विफल रहने पर आरोपियों ने उन्हें हरियाणा में दिल्ली-मुंबई राजमार्ग के पास छोड़ दिया।

पुलिस ने आरोपियों की पहचान हरियाणा के फतेहाबाद निवासी और अशोक चक्र विजेता सुरेंद्र (31), दिल्ली के कालकाजी की निवासी कल्पना कुमारी (40) और फतेहाबाद निवासी कुलदीप एवं सुशील के रूप में की है।

पुलिस के एक बयान के अनुसार, सुरेंद्र सेना का एक सेवारत जवान है, जिसे 2021 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनाती के दौरान एक आतंकवादी ने गोली मार दी थी और 2022 में उसे अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था।

पुलिस ने कहा कि वह वर्तमान में मथुरा में तैनात था, लेकिन उसने वहां रिपोर्ट नहीं की थी।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित को कथित तौर पर कल्पना द्वारा रची गई ‘हनी-ट्रैप’ साजिश के जरिये निशाना बनाया गया था। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे।

जांचकर्ताओं के अनुसार, दो मई की शाम को पीड़ित सैनिक फार्म स्थित अपने आवास पर अकेला था, तभी कल्पना उससे मिलने आई।

बयान में कहा गया है, ‘हालांकि, उसके साथी भी उसके साथ कथित तौर पर घर में घुस आए और बुजुर्ग व्यक्ति को काबू कर लिया। उन्होंने पीड़ित के साथ मारपीट की, उसे टेप से बांध दिया और नकदी, गहने व महत्वपूर्ण दस्तावेज लूट लिये।’

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अलमारी में रखे पांच लाख रुपये, एक दराज से 8,000-10,000 रुपये, नकदी से भरा एक पर्स, सोने की तीन अंगूठियां, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और एक क्रेडिट कार्ड लूट लिया।

इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को कथित तौर पर जबरन उसकी कार में डालकर मेरठ की ओर ले गए। इसमें करीब डेढ़ घंटा लगा।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने पीड़ित से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और उसे दुर्घटना का बहाना बनाकर अपने एक परिचित से 15 लाख रुपये का इंतजाम करने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने बताया कि जब पीड़ित पैसे का इंतजाम नहीं कर सका, तो आरोपियों ने उसे गाड़ी सहित हरियाणा के फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के तहत दिल्ली-मुंबई राजमार्ग के पास छोड़ दिया और फरार हो गए। पीड़ित ने बाद में पास के एक ढाबे पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस के मुताबिक, इस घटना के संबंध में तीन मई को नेब सराय थाने को सूचना मिली, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता की अपहरण, लूटपाट, मारपीट और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।’

पुलिस ने बताया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए, मामले की जांच और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गईं। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, स्थानीय स्तर पर पूछताछ की और तकनीकी निगरानी का उपयोग करके आरोपियों की पहचान की।

अधिकारी ने बताया, ‘लगभग 36 घंटों की निरंतर कोशिश के बाद, दो आरोपियों- कल्पना और सुरेंद्र को उत्तर प्रदेश के मथुरा से पकड़ा गया।’ पुलिस ने उनके पास से चार लाख रुपये नकद और पीड़ित का पर्स बरामद किया है, जिसमें लूटे गए कार्ड थे।

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि कल्पना और सुरेंद्र दोनों तलाकशुदा हैं, जो इंस्टाग्राम के जरिये संपर्क में आए और बाद में उन्होंने नवंबर 2025 में एक मंदिर में शादी कर ली।

जांचकर्ताओं ने कहा कि इसके बाद दोनों ने बुजुर्ग चार्टर्ड अकाउंटेंट को निशाना बनाने की साजिश रची और अपराध में दो अन्य आरोपियों को शामिल किया। पुलिस ने शेष आरोपियों का पता लगाने के लिए छापेमारी की।

अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के फतेहाबाद जिले के ढाणी सांचला गांव में छापेमारी की गई और 11 मई को दोनों फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने कहा कि उनके कब्जे से बाकी लूटी गई नकदी, सोने के गहने और अन्य सामान बरामद कर लिये गये हैं।

पुलिस ने पीड़ित की कार, नकदी, आभूषण, पर्स, लूटे गए दस्तावेज और अपराध में इस्तेमाल की गई एक एयरगन बरामद की है।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित की चिकित्सकीय जांच करने वाले चिकित्सकों को उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह के अपराधों में शामिल थे।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश


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