साढ़े चार साल के बच्चे पर यौन शोषण का आरोप
साढ़े चार साल के बच्चे पर यौन शोषण का आरोप
महज चार साल की एक बच्ची और उसके साथ पढ़ने वाला साढ़े चार साल का बच्चा जिस पर यौन शोषण का आरोप है.इस बात को सुनना जितना मुश्किल है उससे ज्यादा इस बात को समझना भी टेढ़ी खीर है की क्या इतने छोटे बच्चे को सेक्स ज्ञान हो सकता।पुलिस सूत्रों के मुताबिक बच्ची द्वारका के एक नामी स्कूल में नर्सरी में पढ़ती है. कुछ दिन पहले जब वह घर पहुंची तो उसने अपनी मां को बताया कि गुप्तांगों में दर्द हो रहा है. पहले तो मां ने बच्ची की बात को गंभीरता से नहीं लिया. लेकिन अगले दिन जब बच्ची रात में रोने लगी तो पूछने पर उसने मां को पूरी घटना के बारे में बताया. उसने मां को बताया कि उसके साथ पढ़ने वाले एक लड़के ने उसके साथ गलत हरकत की है. यह सुनकर मां सन्न रह गई. उसके बाद परिजन बच्ची को एक डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसका इलाज किया गया. उसके बाद जब उसे एक निजी अस्पताल में दिखाया गया तो पता चला कि उसके गुप्तांगों के साथ छेड़छाड़ की गई है.

बच्ची की मां का आरोप है कि उन्होंने स्कूल के अधिकारियों को जानकारी दी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने द्वारका (दक्षिण) थाने में कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया कि कथित लापरवाही के सिलसिले में स्कूल प्रशासन पर मामला दर्ज कर लिया गया है. दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए साढ़े चार साल बच्चे को रेप का आरोपी बनाया है. दरअसल इससे पहले बच्ची के परिजनों ने द्वारका साउथ पुलिस के समक्ष दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया. पीडि़त बच्ची की काउंसलिंग कराई गई है और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. 1
क्या है पूरा मामला
बच्ची की मां ने उसके बाद घटना की जानकारी स्कूल की टीचर को मैसेज से दी. उनसे कहा गया कि वे स्कूल में आकर शिकायत दर्ज करें. वह लिखित शिकायत लेकर स्कूल गईं. लेकिन मां का आरोप है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और बच्चे के बारे में बताने से भी इनकार कर दिया गया.दरअसल पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है लेकिन जिस बच्चे पर आरोप लगा है, उसकी उम्र महज साढ़े चार साल है. इस कारण पुलिस को आगे की कार्यवाही करने में मुश्किलें आ रही है। नियमानुसार भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 82 के तहत पुलिस को सात साल से कम उम्र के बच्चे पर केस दर्ज करने से बचना चाहिए क्योंकि कम उम्र के बच्चे की बात को अपराध नहीं माना जा सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चे का दिमाग इतना विकसित नहीं होता कि वह अपराध करें.

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