गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में एक और आरोपी गिरफ्त में, शूटर एवं चार अन्य आरोपी अब भी फरार
गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में एक और आरोपी गिरफ्त में, शूटर एवं चार अन्य आरोपी अब भी फरार
देहरादून (उत्तराखंड), 13 मई (भाषा) तीन माह पहले देहरादून में सिल्वर सिटी सिनेमाज के पास दिनदहाड़े हुई झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश में शामिल एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी ।
पुलिस ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर देहरादून पुलिस तथा उत्तराखंड एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक लाख रुपये के ईनामी आरोपी यशराज सिंह (23) को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रेलवे रोड से मंगलवार को गिरफ्तार किया जहां वह अपने पिता के वकीलों से सलाह-मशविरा करने पहुंचा था ।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के यशराज सिंह को मिलाकर इस हत्याकांड में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि शूटरों एवं पांच अन्य अब भी फरार हैं। सभी फरार आरोपियों पर एक-एक लाख का ईनाम घोषित है ।
विक्रम शर्मा (50) की 13 फरवरी को पूर्वाह्न करीब सवा 10 बजे उस समय गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी जब वह जिम में कसरत कर बाहर आ रहा था । विक्रम शर्मा को दो शूटरों ने नजदीक से तीन गोलियां मारीं जिससे वह लहुलुहान होकर सीढ़ियों पर ही गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी थी ।
हत्या करने के बाद दोनों शूटर बाहर मोटरसाईकिल पर उनका इंतजार कर रहे एक साथी के साथ फरार हो गए थे।
पुलिस ने बताया कि जांच में आरोपियों का झारखंड से संबंध होने के बारे में जानकारी मिली और यह भी पता चला कि विक्रम शर्मा को कथित तौर पर जमशेदपुर के आशुतोष सिंह और विशाल सिंह ने गोलियां मारीं जबकि उन्हें मोटरसाईकिल से भगाकर ले जाने वाला आकाश प्रसाद है ।
इसके बाद आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम अनेक स्थानों के लिए रवाना की गयीं तथा राजकुमार सिंह और मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया । यशराज, आरोपी राजकुमार सिंह का बेटा है।
यशराज ने पूछताछ में बताया कि उसने ही 12 फरवरी को आकाश प्रसाद को उड़ान से रांची से दिल्ली आने के लिए अपने मोबाइल नंबर से यूपीआई के माध्यम से 15 हजार रुपये का भुगतान किया था तथा उसे रास्ते के खर्च के लिए दस हजार रुपये दिए थे । इसके अलावा, आकाश के हरिद्वार के होटल में खाने एवं ठहरने का भुगतान भी यशराज ने यूपीआई के माध्यम से किया था जबकि हरिद्वार से किराये पर लिये गये स्कूटर एवं मोटरसाइकिल के किराये का भुगतान उसके पिता राजकुमार सिंह ने सारिका ट्रेडर्स के खाते से किया था ।
पूछताछ में यशराज ने बताया कि वह 2024 से टाटानगर रेलवे स्टेशन पर दुकानों में नमकीन, चिप्स, केक, बिस्किट आदि की आपूर्ति करता था और विशाल सिंह के कहने पर उसने अपने साथी आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा, मोहित एवं जितेन्द्र साहू के साथ मिलकर विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की योजना बनायी थी ।
आरोपियों ने दिसंबर 2025 एवं उससे पहले भी विक्रम शर्मा को नोएडा एवं दिल्ली में मारने का प्रयास किया था परन्तु वे सफल नहीं हो पाये थे। इसके बाद उनके द्वारा विक्रम शर्मा की देहरादून में ही हत्या करने की योजना बनायी गयी तथा उन्होंने अपने साथी अंकित वर्मा को उसकी दिनचर्या एवं आने-जाने के रास्ते की जानकारी हेतु कई बार देहरादून भेजा।
घटना को अंजाम देने के लिये विशाल, आशुतोष और आकाश के साथ यशराज को भी देहरादून आना था, पर अपनी मां का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह घर पर ही रूक गया जबकि विशाल और आशुतोष उसके पिता राजकुमार से उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर लेकर देहरादून आ गये, जहां पहले से ही अंकित वर्मा मौजूद था। इसके बाद उन्होंने एक अन्य आरोपी जितेन्द्र साहू की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर घटना को अंजाम दिया गया।
राजकुमार तथा मोहित की गिरफ्तारी के बाद यशराज पुलिस से बचने के लिये अपनी बुआ के घर पश्चिम बंगाल में खड़गपुर चला गया ।
हालांकि, 12 मई को यशराज अपने पिता के वकील से मिलने हरिद्वार आया और उसके बाद कुछ अन्य वकीलों से सलाह मशविरा करने सहारनपुर पहुंचा जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया ।
भाषा दीप्ति राजकुमार
राजकुमार

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