गौरव गोगोई, उनकी पत्नी के पाकिस्तानी एजेंट के साथ ‘गहरे संबंध’ : हिमंत विश्वशर्मा

गौरव गोगोई, उनकी पत्नी के पाकिस्तानी एजेंट के साथ ‘गहरे संबंध’ : हिमंत विश्वशर्मा

गौरव गोगोई, उनकी पत्नी के पाकिस्तानी एजेंट के साथ ‘गहरे संबंध’ : हिमंत विश्वशर्मा
Modified Date: February 8, 2026 / 06:23 pm IST
Published Date: February 8, 2026 6:23 pm IST

(तस्वीर के साथ)

गुवाहाटी, आठ फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच ‘‘गहरे संबंध’’ हैं तथा खुफिया ब्यूरो (आईबी) से मिली सूचना गुप्त रूप से पड़ोसी देश को दी गई थी।

शर्मा ने असम में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि भारत में काम करने के दौरान कोलबर्न को शेख द्वारा वेतन दिए जाने के मामले में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के नियमों का उल्लंघन किया गया।

मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि गोगोई ने वर्ष 2013 में पाकिस्तान की एक ‘‘अत्यंत गोपनीय’’ यात्रा की थी और माना जाता है कि वहां उन्होंने ‘‘किसी प्रकार का प्रशिक्षण’’ लिया। शर्मा ने कांग्रेस नेता को इस यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती दी, अन्यथा उन पर ‘‘राष्ट्रद्रोह’’ के आरोप लगेंगे।

इस बीच, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख गोगोई ने शर्मा के संवाददाता सम्मेलन को एक ‘‘सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर’’ और ‘‘सुपर फ्लॉप’’ करार दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि गौरव गोगोई, एलिजाबेथ कोलबर्न और अली तौकीर शेख के बीच गहरा संबंध है। हमारा मानना ​​है कि एलिजाबेथ और अली तौकीर शेख एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा थे।’’

शर्मा ने दावा किया कि इन लोगों ने भारत सरकार को दरकिनार करते हुए स्थानीय निकाय एजेंसियों के साथ काम किया और इसकी जांच असम पुलिस नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय जांच कराए जाने की सिफारिश की है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एलिजाबेथ ने पाकिस्तान में शेख के संगठन ‘लीड पाकिस्तान’ के साथ काम किया। फिर उनका तबादला भारत में हो गया और उन्होंने उसी संगठन में काम किया। लेकिन उनका वेतन अली तौकीर शेख द्वारा ही दिया जाता रहा।’’

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लीड पाकिस्तान ने ‘लीड इंडिया’ को पैसे भेजे और लीड इंडिया ने एफसीआरए नियमों को दरकिनार करते हुए एलिजाबेथ को भुगतान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तानी एजेंसियां ​​किसी भारतीय संस्था को दान नहीं दे सकतीं, क्योंकि वह एक शत्रु राष्ट्र है। संभवतः संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की तत्कालीन सरकार के समय में एलिजाबेथ को भुगतान करने के लिए विशेष अनुमति प्राप्त की गई थी।’’

शर्मा ने दावा किया कि भारत में काम करने के बाद एलिजाबेथ ने भारत से संबंधित जानकारी इकट्ठा करनी शुरू की और वह शेख को रिपोर्ट दिया करती थी।

उन्होंने दावा किया, ‘‘एलिजाबेथ को नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद जलवायु संबंधी कार्रवाई के बारे में आईबी सूत्रों से जानकारी मिली। उन्होंने शेख को 45 पन्नों की रिपोर्ट भेजी।’’

शर्मा ने दावा किया कि लीड इंडिया के साथ काम करते समय एलिजाबेथ ने छह बार इस्लामाबाद की यात्रा की, जबकि एक अन्य एनजीओ में शामिल होने के बाद उन्होंने तीन बार पाकिस्तान की यात्रा की।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एफसीआरए नियमों का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तान से सीधे धन प्राप्त करना आसान नहीं था और संकेत दिया कि इसके पीछे संप्रग सरकार के तंत्र के “काफी करीबी कोई अन्य हैंडलर” हो सकता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एलिजाबेथ का वहां वेतन प्राप्त करने के लिए एक पाकिस्तानी बैंक खाता था, लेकिन पूछताछ के दौरान उन्होंने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया कि वह खाता बंद है या अब भी सक्रिय है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘गौरव ने अपने चुनावी हलफनामे में इस पाकिस्तानी खाते का जिक्र नहीं किया। अब मुझे लगता है कि उनके प्रतिद्वंद्वी को निर्वाचन आयोग से हलफनामे में गलत जानकारी देने की शिकायत करनी चाहिए।’’

शर्मा ने कहा कि असम सरकार एलिजाबेथ का ओसीआई/वीजा रद्द करने की मांग करेगी, क्योंकि उनकी उपस्थिति भारत के लिए हानिकारक है।

इस संवाददाता सम्मेलन के जारी रहने के दौरान गोगोई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुझे दिल्ली और असम के उन पत्रकारों पर तरस आता है, जिन्हें सदी का सबसे ‘फ्लॉप संवाददाता सम्मेलन’ झेलना पड़ा। यह एक सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर था।’’

उन्होंने कहा कि असम के ‘‘तथाकथित राजनीतिक रूप से चतुर’ मुख्यमंत्री द्वारा ‘‘बेहद बेतुकी और मनगढ़ंत बातें’’ की गई हैं।

गोगोई ने कहा, ‘‘यह ‘सुपरफ्लॉप’ हमारी समय परिवर्तन यात्रा के बिल्कुल विपरीत है, जो मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कब्जा की गई 12,000 बीघा जमीन को उजागर करने में सफल रही है।’’

शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि कांग्रेस सांसद ने अपनी शादी से पहले दिसंबर 2013 में पाकिस्तान की ‘‘अत्यंत गोपनीय यात्रा’’ की थी, जब उनकी पत्नी भारत में पहले ही तैनात थी और उस समय वह मुख्यमंत्री के आवास में रह रहे थे। उनके पिता तरुण गोगोई उस समय असम के मुख्यमंत्री थे।

शर्मा ने कहा, ‘‘वह वहां 10 दिनों तक रुके। हैरानी की बात यह है कि गौरव ने कोई सोशल मीडिया पोस्ट नहीं की और वह डिजिटल रूप से बिल्कुल शांत थे। हमें संदेह है कि उन्होंने उस दौरान किसी तरह का प्रशिक्षण लिया होगा।’’

शर्मा ने दावा किया कि पाकिस्तान से लौटने और सांसद बनने के बाद गोगोई ने लोकसभा में सैन्य तैयारियों, सुरक्षा मामलों, रक्षा उपकरणों, परमाणु संयंत्रों, जासूसी, कश्मीर संघर्ष और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर सवाल पूछे।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा, “एक पहली बार के सांसद द्वारा इस तरह के गोपनीय सवाल पूछना, ऐसा कैसे हो सकता है कि इसे उनकी पाकिस्तान यात्रा से नहीं जोड़ा जाए?’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटे को ब्रिटिश नागरिकता मिलने के बाद गोगोई ने 2022 में उसका भारतीय पासपोर्ट सौंप दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘गौरव का बेटा भारतीय पासपोर्ट में धर्म के रूप में हिंदू लिखता था, लेकिन नागरिकता बदलने के बाद उसने ऐसा करना बंद कर दिया। उनकी बेटी ने ब्रिटिश पासपोर्ट में ईसाई लिखा है। पासपोर्ट में गौरव का धर्म हिंदू है। इसलिए, वह अपने घर में हमेशा अल्पसंख्यक ही रहेंगे।’’

शर्मा ने कहा कि राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सोनिया गांधी ने अपनी इतालवी नागरिकता छोड़ दी थी और राहुल गांधी को इसकी तुलना गोगोई के मामले से करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि असम पुलिस की एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान गोगोई से पूछताछ नहीं की, ‘‘‘क्योंकि वह मौजूदा सांसद हैं। हमने उनके पद का सम्मान करते हुए यह काम केंद्र सरकार पर छोड़ दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं गौरव को अभी गिरफ्तार करता हूं, तो मुझ पर चुनाव से पहले राजनीति करने का आरोप लगेगा। गिरफ्तारी एक कठोर कदम है। मुझे लगता है कि गौरव इस समय भारत में सबसे असुरक्षित नेता हैं, क्योंकि पाकिस्तान में उनके 10 दिन के प्रवास के दौरान उनकी सभी गतिविधियों की तस्वीरें ली गई होंगी और उन्हें रिकॉर्ड किया गया होगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, “यदि गोगोई अपनी पाकिस्तान यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाते हैं, तो उन पर ‘राष्ट्रद्रोह’ के आरोप लगाने पड़ेंगे।”

भाजपा नेता ने कहा कि शेख ने संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान 2010 से 2013 तक 13 बार भारत की यात्रा की और वैश्विक स्तर पर ‘‘भारत विरोधी माहौल’’ बनाने पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘असम सरकार के जांच शुरू करने के बाद शेख ने किसी को बचाने के लिए अपने सभी ट्वीट हटा दिए।’’

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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