गहलोत ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राजस्थान में जनकल्याणकारी योजनाएं बहाल कराने की अपील की

गहलोत ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राजस्थान में जनकल्याणकारी योजनाएं बहाल कराने की अपील की

गहलोत ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राजस्थान में जनकल्याणकारी योजनाएं बहाल कराने की अपील की
Modified Date: February 26, 2026 / 08:24 pm IST
Published Date: February 26, 2026 8:24 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

जयपुर, 26 फरवरी (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर चिंता जताई है कि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाओं और परियोजनाओं को कथित रूप से बंद कर दिया गया है या कमजोर कर दिया गया है।

यह पत्र प्रधानमंत्री की 28 फरवरी को प्रस्तावित अजमेर यात्रा से पहले लिखा गया है।

गहलोत ने पत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस आश्वासन का उल्लेख किया है जो उन्होंने दो अक्टूबर 2023 को चित्तौड़गढ़ में दिया था कि यदि भाजपा सत्ता में आती है तो कांग्रेस सरकार की कोई भी कल्याणकारी योजना बंद नहीं की जाएगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह राज्य सरकार से इन योजनाओं को उनके मूल स्वरूप में बहाल करवायें।

गहलोत ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम, गिग वर्कर्स कल्याण अधिनियम, शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना, इंदिरा रसोई योजना, इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना और इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना जैसी प्रमुख योजनाएं या तो रोक दी गई हैं या उनका नाम बदल दिया गया है या उन्हें सीमित कर दिया गया है।

उन्होंने स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत भुगतान में देरी, मुफ्त बिजली योजना में बदलाव, अन्नपूर्णा राशन किट और इंदिरा गांधी क्रेडिट कार्ड योजना को बंद किए जाने पर भी चिंता जताई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जयपुर, जोधपुर और कोटा में अस्पतालों, संस्थानों और कोटा रिवर फ्रंट जैसी कई अधोसंरचना परियोजनाएं पूरी होने के बावजूद चालू नहीं की गई हैं।

भाषा बाकोलिया

राजकुमार

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