सत्ता के लिए शिवकुमार के पास जाओ; कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मेरे पास आओ: हरिप्रसाद

सत्ता के लिए शिवकुमार के पास जाओ; कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मेरे पास आओ: हरिप्रसाद

सत्ता के लिए शिवकुमार के पास जाओ; कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मेरे पास आओ: हरिप्रसाद
Modified Date: June 4, 2026 / 03:52 pm IST
Published Date: June 4, 2026 3:52 pm IST

बेंगलुरु, चार जून (भाषा) कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष बी के हरिप्रसाद ने बृहस्पतिवार को पार्टी नेताओं से कहा कि जो लोग सत्ता और पद चाहते हैं वे मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के पास जा सकते हैं और जो लोग संगठन को मजबूत करना चाहते हैं वे उनके पास आ सकते हैं।

हरिप्रसाद ने कहा कि उनकी टिप्पणी का कोई अलग मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए और इसका अभिप्राय संगठन और सरकार दोनों की जिम्मेदारियों को साझा करते हुए आगे बढ़ना है।

कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता हरिप्रसाद (71) को पार्टी की कर्नाटक इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। हरिप्रसाद ने डीके शिवकुमार की जगह ली है, जो बुधवार को ही राज्य के नए मुख्यमंत्री बने।

शिवकुमार 2020 से बुधवार को मुख्यमंत्री बनने तक कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि जिन वरिष्ठ नेताओं को मंत्री नहीं बनाया गया है, तो क्या उन्हें पार्टी के संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी दी जायेगी, हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘पार्टी में सभी से मेरी यही प्रार्थना है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा हमारे हक के लिए लड़ रहे हैं। जब वे हमारे हक के लिए लड़ रहे हैं, तो हमें उन्हें ताकत देनी होगी, इसके लिए हमें भी सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना चाहिए।’’

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘सत्ता और पद चाहने वाले डी. के. शिवकुमार के साथ जाएं। जो कांग्रेस पार्टी को मजबूती से आगे बढ़ाना चाहते हैं तथा सोनिया गांधी और खरगे के हाथों को मजबूत करना चाहते हैं, वे सब मेरे साथ आएं। मैं यही कहना चाहता हूं। मेरी बातों का कोई अलग मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। मेरा कहना है कि संगठन और सरकार की जिम्मेदारियों को साझा करके आगे बढ़ना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि वह पार्टी को आगे ले जाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह आश्वासन भी दिया कि वह उनके साथ हैं।

हरिप्रसाद ने उन्हें कांग्रेस की कर्नाटक इकाई का अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, के सी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कांग्रेस नेतृत्व को धन्यवाद दिया।

अपनी नियुक्ति पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से ही उन्हें ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक काम करने का अनुभव है और यह अनुभव कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात के बाद वह आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण करेंगे।

हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी मंत्री बनने की इच्छा नहीं जताई। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सत्ता के लिए यहां नहीं हूं, मैं कांग्रेस पार्टी का सिपाही और कार्यकर्ता हूं, जो इसकी विचारधारा, सिद्धांतों और संविधान का पालन करता है… मैंने 20 राज्यों में विभिन्न स्तरों पर 53 वर्षों तक पार्टी के लिए काम किया है, पार्टी के लिए काम करना और इस देश को जानना मेरा जुनून है।’’

उन्होंने कहा कि शिवकुमार अब मुख्यमंत्री और जी परमेश्वर उपमुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर राज्य को आगे ले जाएंगे।

हरिप्रसाद ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी संवैधानिक संस्थाओं का ‘दुरुपयोग’ कर एसआईआर और सीएए की प्रक्रिया के माध्यम से वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाये जाने के खिलाफ संघर्ष करना है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की अवधारणा की रक्षा के लिए हमें सभी धर्मों, जातियों और भाषाओं को साथ लेकर चलना होगा। हमें सत्ता या पद के लिए नहीं, बल्कि इसके खिलाफ साजिश रचने वालों के खिलाफ लड़ना होगा। कांग्रेस पार्टी जिन विचारधारा और सिद्धांतों में विश्वास रखती है, इन्हें आगे बढ़ाना होगा।’’

हरिप्रसाद ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कर्नाटक में इन दोनों से लड़ना होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस 2028 में राज्य में सत्ता में वापस आएगी, क्योंकि उसने 2023 में जनता से किए गए वादों को पूरा किया है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना है।

भाषा देवेंद्र रंजन

रंजन


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