गोंपा मोनपा समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान का संरक्षण करते हैं: पेमा खांडू

गोंपा मोनपा समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान का संरक्षण करते हैं: पेमा खांडू

गोंपा मोनपा समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान का संरक्षण करते हैं: पेमा खांडू
Modified Date: June 22, 2026 / 08:55 pm IST
Published Date: June 22, 2026 8:55 pm IST

ईटानगर, 22 जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को कहा कि बौद्ध गोंपा (मठ) केवल पूजा स्थल नहीं हैं, बल्कि ये मोनपा समुदाय के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र हैं, जो पीढ़ियों से उनकी आस्था, परंपराओं, मूल्यों और पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने में मदद करते हैं।

खांडू ने तवांग जिले के यूसुम गांव में नवनिर्मित ‘तिवखर गोंपा’ के प्राण-प्रतिष्ठा (पवित्रीकरण) समारोह में शामिल होने के बाद यह बात कही।

सोशल मीडिया पोस्ट पर इस जानकारी को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पवित्र अवसर स्थानीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह उनकी गहरी आध्यात्मिक विरासत को दर्शाता है।

खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘गोंपा पूजा स्थल से कहीं बढ़कर है। यह मोनपा समाज का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र है, जो पीढ़ियों से हमारी आस्था, परंपराओं, मूल्यों और पहचान को सुरक्षित रखता है।’

मुख्यमंत्री तवांग के विधायक नामगे त्सेरिंग, जिला परिषद अध्यक्ष लेकी गोम्बू और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इस समारोह में शामिल हुए।

उन्होंने सुरम्य यूसुम गांव में आयोजित इस उत्सव को क्षेत्र के लोगों के लिए एक अत्यंत सार्थक अवसर बताया।

भाषा

सुमित माधव

माधव


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