केरल में सरकारी और निजी डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सकीय सेवा प्रभावित

केरल में सरकारी और निजी डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सकीय सेवा प्रभावित

केरल में सरकारी और निजी डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सकीय सेवा प्रभावित
Modified Date: November 29, 2022 / 08:16 pm IST
Published Date: December 11, 2020 11:46 am IST

तिरुवनंतपुरम, 11 दिसंबर (भाषा) स्नातकोत्तर डिग्रीधारक आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी का प्रशिक्षण देने के केन्द्र सरकार के फैसले के खिलाफ भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की ओर से आहूत हड़ताल को केरल में सरकारी और निजी डॉक्टरों द्वारा समर्थन दिए जाने के बाद चिकित्सकीय सेवा प्रभावित रही। इस दौरान डॉक्टर सिर्फ आपात स्थिति और कोविड-19 मरीजों का ही इलाज कर रहे थे।

सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक के डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि कई मरीज पड़ोसी जिलों से यहां मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में इलाज कराने आए थे और उन्हें हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सुबह से कई मरीज अस्पताल आए थे।

पड़ोसी कोल्लम जिले से अपनी कैंसर पीड़ित मां को लेकर यहां आए एक व्यक्ति ने कहा कि वे बिना इलाज के ही लौट रहे हैं।

आईएमए केरल के अध्यक्ष पी टी जचारिस ने बताया कि सिर्फ आपात और कोविड-19 के मरीजों का इलाज हो रहा है। डॉक्टरों ने राज भवन तक मार्च भी निकाला। आईएमए संबंधित अधिसूचना को रद्द करने की मांग कर रहा है।

आईएमए ने कहा है कि भारतीय केन्द्रीय औषधि परिषद (सीसीआईएम) की ओर से जारी अधिसूचना में आयुर्वेद चिकित्सकों को कानूनी रूप से सर्जरी करने की अनुमति देने तथा सभी चिकित्सा पद्धतियों के एकीकरण के लिये नीति आयोग द्वारा चार समितियों के गठन की इजाजत देने से ”अव्यवस्था” बढ़ेगी।

भाषा स्नेहा उमा

उमा


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