केरल: चांडी ओमान ने सरकारी वकील की नियुक्तियों में केएसयू की भूमिका पर मुख्यमंत्री का बचाव किया

केरल: चांडी ओमान ने सरकारी वकील की नियुक्तियों में केएसयू की भूमिका पर मुख्यमंत्री का बचाव किया

केरल: चांडी ओमान ने सरकारी वकील की नियुक्तियों में केएसयू की भूमिका पर मुख्यमंत्री का बचाव किया
Modified Date: July 16, 2026 / 02:20 pm IST
Published Date: July 16, 2026 2:20 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 16 जुलाई (भाषा) केरल में कांग्रेस विधायक चांडी ओमान ने बृहस्पतिवार को सरकारी वकीलों की नियुक्ति में केरल छात्र संघ (केएसयू) की भूमिका पर सवाल उठाने वाली मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन की टिप्पणी का बचाव किया। ओमान ने कहा कि मुख्यमंत्री का आशय संभवतः केवल इतना था कि विधि विभाग के प्रमुख होने के नाते उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया के हर पहलू की जानकारी रहती है। दिवंगत मुख्यमंत्री ओमान चांडी के बेटे चांडी ओमान ने कहा कि कांग्रेस के छात्र संगठन केएसयू को इस मामले में अपनी राय रखने का अधिकार है लेकिन सतीशन की टिप्पणी को इस रूप में देखा जाना चाहिए कि सरकारी वकीलों के चयन के बारे में उन्हें सबसे अधिक जानकारी हो।

उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति को हर चीज के बारे में जानकारी होना जरूरी नहीं है। संभवतः मुख्यमंत्री का आशय यही कहने से था।”

छात्र संघ नेतृत्व बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान से कथित तौर पर नाराज है।

सतीशन ने कहा था कि सरकारी वकीलों की नियुक्ति योग्यता और अनुशंसाओं के आधार पर की जाती है।

उन्होंने कहा था कि राज्य अपने कानूनी प्रतिनिधियों के चयन में राजनीतिक या छात्र संगठनों के दबाव के आगे नहीं झुकता।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि तिरुवनंतपुरम विधि कॉलेज की केएसयू इकाई समिति यह तय नहीं करती कि किसे सरकारी वकील नियुक्त किया जाना चाहिए और मीडिया ऐसी खबरें प्रसारित कर रहा है।

केएसयू ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के एक पूर्व नेता की सरकारी वकील के रूप में नियुक्ति करने का विरोध किया है।

भाषा जितेंद्र प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में