भारत-पाक संबंधों पर ‘‘ट्रैक-2’’ वार्ता से सरकार का कोई लेना-देना नहीं : मिसरी

भारत-पाक संबंधों पर ‘‘ट्रैक-2’’ वार्ता से सरकार का कोई लेना-देना नहीं : मिसरी

भारत-पाक संबंधों पर ‘‘ट्रैक-2’’ वार्ता से सरकार का कोई लेना-देना नहीं : मिसरी
Modified Date: June 29, 2026 / 03:58 pm IST
Published Date: June 29, 2026 3:58 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को कहा कि भारत-पाकिस्तान संबंधों पर विदेशों में आयोजित चर्चाओं में व्यक्तिगत हैसियत से भाग लेने वाले सेवानिवृत्त राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों से सरकार का कोई संबंध नहीं है तथा नयी दिल्ली ऐसे विचार-विमर्श का संज्ञान नहीं लेती।

मिसरी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में मीडिया से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी उन खबरों के संदर्भ में की, जिनमें कहा गया था कि पिछले सप्ताह कोलंबो में एक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन से इतर आयोजित ‘‘ट्रैक-2’’ वार्ता में भारत और पाकिस्तान के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, राजनयिक और नेता शामिल हुए थे।

विदेश सचिव मिसरी ने कहा, ‘‘दुनिया भर में विभिन्न विषयों पर इस तरह के दर्जनों कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। इसमें न तो कुछ नया है और न ही कुछ विशेष। जहां तक हमारा संबंध है, ये गैर-सरकारी पक्षों द्वारा आयोजित निजी कार्यक्रम हैं। इनमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है।’’

मिसरी एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘जाहिर है, मैं पाकिस्तान सरकार की ओर से नहीं बोल सकता, लेकिन भारत सरकार के संदर्भ में इन यात्राओं में न तो कोई आधिकारिक भागीदारी है, न कोई आधिकारिक समर्थन और न ही कोई सरकारी संलिप्तता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह स्पष्ट है कि यदि भारत से कोई व्यक्ति, चाहे वह सेवानिवृत्त राजनयिक हो, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी हो या नागरिक समाज का सदस्य, ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेता है तो वह केवल अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करता है और उसी का प्रतिनिधित्व करता है।’’

विदेश सचिव ने कहा कि भारत सरकार ऐसे आयोजनों का कोई संज्ञान नहीं लेती। उन्होंने कहा, ‘‘वे किसी भी तरह भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते। इसे ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।’’

मिसरी ने कहा, ‘‘हम वास्तव में ऐसे आयोजनों का कोई संज्ञान नहीं लेते। जहां तक हमारा संबंध है, इनका कोई विशेष महत्व नहीं है।’’

भाषा अमित अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में