मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को औपचारिक रूप से स्वीकार करे सरकार : एआईएफबी महासचिव

मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को औपचारिक रूप से स्वीकार करे सरकार : एआईएफबी महासचिव

मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को औपचारिक रूप से स्वीकार करे सरकार : एआईएफबी महासचिव
Modified Date: January 24, 2026 / 12:50 am IST
Published Date: January 24, 2026 12:50 am IST

नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) के महासचिव जी देवराजन ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार को मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को औपचारिक रूप से स्वीकार कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित शेष फाइलों को सार्वजनिक करने के लिए तुरंत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना चाहिए।

एआईएफबी ने एक बयान में कहा कि देवराजन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में पार्टी द्वारा आयोजित ‘देशप्रेम दिवस’ कार्यक्रम में यह बात कही।

एआईएफबी ने बताया कि बाद में दरियागंज स्थित नेताजी सुभाष पार्क में एक बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और नेताजी के प्रशंसकों सहित जीवन के सभी क्षेत्रों से जुड़े सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए देवराजन ने मांग की कि सरकार औपचारिक रूप से मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आजाद हिंद फौज (आईएनए) और आजाद हिंद सरकार से संबंधित शेष फाइलों को सार्वजनिक करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करे।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐतिहासिक सत्य का पूर्ण प्रकटीकरण राष्ट्रीय विवेक और न्याय के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सरकार को नेताजी के तथाकथित अवशेषों (राख) को लाने से बचना चाहिए, जो कथित तौर पर जापान के तोक्यो स्थित रेनकोजी मंदिर में रखी गयी है।

एआईएफबी एक वामपंथी राष्ट्रवादी राजनीतिक दल है, जिसकी स्थापना बोस ने 1939 में कांग्रेस के भीतर एक गुट के रूप में की थी, जिसे फॉरवर्ड ब्लॉक के नाम से जाना जाता था। बाद में 1940 में इसे एक अलग पार्टी के रूप में औपचारिक रूप दिया गया।

भाषा रवि कांत रवि कांत शफीक

शफीक


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