अधिकारी आत्महत्या की जांच सीबीआई से नहीं बल्कि न्यायाधीश से कराये सरकार : वडिंग

अधिकारी आत्महत्या की जांच सीबीआई से नहीं बल्कि न्यायाधीश से कराये सरकार : वडिंग

अधिकारी आत्महत्या की जांच सीबीआई से नहीं बल्कि न्यायाधीश से कराये सरकार : वडिंग
Modified Date: March 25, 2026 / 10:47 pm IST
Published Date: March 25, 2026 10:47 pm IST

चंडीगढ़, 25 मार्च (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बुधवार को अमृतसर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी की आत्महत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा नहीं बल्कि उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश द्वारा कराने की मांग की।

वडिंग ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तहत सीबीआई ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है।

वडिंग का रुख कांग्रेस के चार अन्य सांसदों (गुरजीत सिंह औजला, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और धर्मवीर गांधी) से भिन्न है, जिन्होंने अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी।

रंधावा ने कथित तौर पर 21 मार्च को जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

उसी दिन एक वीडियो सामने आया जिसमें रंधावा ने कथित तौर पर लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाया। भुल्लर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर उसी दिन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

दो दिन बाद पट्टी से आम आदमी पार्टी के विधायक भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया गया।

लुधियाना से लोकसभा सदस्य वाड़िंग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मैं अपने इस रुख को दोहराता हूं कि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा की दुखद आत्महत्या की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए। सीबीआई जांच का पिछला अनुभव बहुत सकारात्मक और उत्साहजनक नहीं रहा है। भाजपा के शासन में जांच एजेंसी ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है।’

उन्होंने कहा, ‘ऐसे कई उदाहरण हैं जहां सीबीआई जांच से कोई नतीजा नहीं निकला है। इसीलिए मैं इस बात पर जोर दे रहा हूं कि मामले की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए।’

हालांकि, वडिंग ने कहा कि वह परिवार की इच्छा का समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘अगर परिवार सीबीआई जांच चाहता है तो वह भी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में ही होनी चाहिए।’

भाषा

शुभम रंजन

रंजन


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