गुजरात: पुलिस, जेल, वन विभाग की नौकरियों में पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण का फ़ैसला

गुजरात: पुलिस, जेल, वन विभाग की नौकरियों में पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण का फ़ैसला

गुजरात:  पुलिस, जेल, वन विभाग की नौकरियों में पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण का फ़ैसला
Modified Date: June 22, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: June 22, 2026 8:34 pm IST

अहमदाबाद, 22 जून (भाषा) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य सरकार के विभिन्न श्रेणी-तीन पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की सोमवार को घोषणा की। इसके साथ ही, उन्हें उम्र सीमा में छूट और शारीरिक परीक्षा से भी छूट दी जाएगी।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस कदम का मकसद उन पूर्व-अग्निवीरों को लाभ पहुंचाना है, जो राज्य पुलिस बल की सशस्त्र शाखा, राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी), जेल और वन विभागों में भर्ती होना चाहते हैं।

इस निर्णय के तहत पूर्व अग्निवीरों को सशस्त्र पुलिस उपनिरीक्षक, सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल, राज्य रिजर्व पुलिस प्लाटून कमांडर और पुलिस कांस्टेबल के पदों पर सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

यह आरक्षण जेल विभाग में जेलर समूह-2 और जेल सिपाही के पदों पर भर्ती के साथ-साथ वन विभाग में वन रक्षक और ‘फॉरेस्टर’ (श्रेणी-3) पदों की भर्ती पर भी लागू होगा।

पूर्व अग्निवीरों को इन भर्तियों के लिए निर्धारित शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट दी जाएगी।

पटेल ने यह भी निर्णय लिया है कि इन भर्तियों के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के सदस्यों को अधिकतम पांच वर्ष तक की आयु छूट का लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई अग्निवीर योजना के तहत 17.5 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं की भर्ती थल सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के कार्यकाल के लिए की जाती है। इस अवधि में उन्हें सैन्य प्रशिक्षण और सेवा दोनों का अनुभव मिलता है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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