गुजरात निकाय चुनाव: मुसलमानों से ‘आप’ को वोट देने की अपील करने वाले पोस्टर चिपकाए गये

गुजरात निकाय चुनाव: मुसलमानों से ‘आप’ को वोट देने की अपील करने वाले पोस्टर चिपकाए गये

गुजरात निकाय चुनाव: मुसलमानों से ‘आप’ को वोट देने की अपील करने वाले पोस्टर चिपकाए गये
Modified Date: April 25, 2026 / 10:06 pm IST
Published Date: April 25, 2026 10:06 pm IST

भावनगर, 25 अप्रैल (भाषा) गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों की पूर्व संध्या पर भावनगर में मुसलमानों से आम आदमी पार्टी (आप) का समर्थन करने की अपील वाले पोस्टर शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

पुलिस ने बताया कि खारगेट इलाके की नगीना मस्जिद समेत कुछ मस्जिदों की दीवारों पर कथित रूप से चस्पा किये गये इन पोस्टर को बाद में अज्ञात लोगों ने हटा दिया।

‘आप’ ने इन पोस्टरों से खुद को अलग करते हुए कहा कि पार्टी लोगों को बांटने के तरीकों का समर्थन नहीं करती।

भावनगर के पुलिस अधीक्षक नीतेश पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “कुछ मस्जिदों के बाहर कुछ पोस्टर देखे गए और हमें उनकी तस्वीरें एवं वीडियो भी मिले। हालांकि, जब तक प्रशासन ने जांच की तब तक पोस्टर फाड़ दिए गए थे। फिलहाल, हमें नहीं पता कि इन्हें किसने लगाया, किसने हटाया या इसके पीछे क्या मकसद था।”

‘फतवा-ए-मिल्लत’ शीर्षक वाले पोस्टरों में ‘सभी विश्वासियों और सत्य की खोज करने वाले भाइयों’ से एकजुट होकर आम आदमी पार्टी के पक्ष में मतदान करने का आह्वान किया गया था।

पोस्टर में लिखा था, ‘‘जो कोई भी इस निर्णय को स्वीकार नहीं करेगा, वह समुदाय को होने वाले किसी भी तरह के नुकसान के लिए जिम्मेदार होगा।’’

राज्य भर में 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में 26 अप्रैल को चुनाव होंगे, जहां 9,992 उम्मीदवार मैदान में हैं।

मतगणना 28 अप्रैल को होगी।

‘आप’ के राज्य महासचिव सागर रबारी ने कहा कि पार्टी का इन पोस्टर से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा, “गुजरात में ‘आप’ के नेता समझदार हैं और वे ऐसे बैनर की आड़ नहीं लेंगे, जो जनता में विभाजन को बढ़ावा देते हों।”

रबारी ने सत्ताधारी भाजपा पर ‘आप’ के सोशल मीडिया पेजों को ब्लॉक करने और ‘इस तरह के पोस्टर से जुड़ी साजिश’ के जरिये पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी को मिल रहे समर्थन को बाधित करने के लिए पार्टी की गुजरात इकाई के ‘फेसबुक’ और ‘इंस्टाग्राम’ पर मौजूदा पेज ब्लॉक कर दिए गए।”

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश


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