हरिवंश का निर्विरोध निर्वाचन उन पर सभी दलों के विश्वास की पुष्टि: राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन
हरिवंश का निर्विरोध निर्वाचन उन पर सभी दलों के विश्वास की पुष्टि: राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि हरिवंश का उच्च सदन के उपसभापति पद पर निर्विरोध निर्वाचन इस बात की “प्रबल पुष्टि” है कि उन्हें सभी दलों का विश्वास और समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने हरिवंश को तीसरी बार उपसभापति निर्वाचित होने पर बधाई दी और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
मनोनीत सदस्य हरिवंश शुक्रवार को राज्यसभा के उपसभापति निर्विरोध निर्वाचित हुए। पत्रकार से नेता बने हरिवंश का यह इस पद पर तीसरा कार्यकाल है।
राज्यसभा के उपसभापति का पद हरिवंश का उच्च सदन में कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने के बाद रिक्त हो गया था। इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। हरिवंश ने 10 अप्रैल को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली। आज वह उच्च सदन के उपसभापति निर्विरोध चुने गए।
राधाकृष्णन ने कहा, “उनका निर्विरोध निर्वाचन मात्र एक औपचारिक परिणाम नहीं है, बल्कि यह इस उच्च सदन के सभी वर्गों और दलों के बीच उनके प्रति गहरे विश्वास, भरोसे और सम्मान की प्रबल पुष्टि है।”
सभापति ने लगातार तीसरी बार इस उच्च संवैधानिक पद पर हरिवंश के पुनर्निर्वाचन को एक दुर्लभ उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “यह न केवल निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि कर्तव्यों के निर्वहन में निष्पक्षता, संयम और संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का भी परिचायक है।”
उन्होंने कहा कि हरिवंश वर्षों से संतुलन, गंभीरता और शांतिपूर्ण तरीके से सदन की कार्यवाही संचालित करते रहे हैं जिससे सदन की गरिमा और अधिक समृद्ध हुई है।
राधाकृष्णन ने उन्हें निर्विरोध चुनने के लिए सदन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीवंत लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक और आवश्यक हैं, लेकिन ऐसे क्षण संस्थानों की गरिमा और मजबूती के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जब सदन एक स्वर में निर्णय लेता है।
उन्होंने कहा कि हरिवंश सार्वजनिक जीवन का समृद्ध और विविध अनुभव लेकर सदन में आते हैं और तीखी बहस के दौरान भी उनका शालीन व्यवहार तथा सहज मुस्कान कार्यवाही को स्थिरता प्रदान करती है।
सभापति ने कहा कि राज्यसभा की अध्यक्षता करना आसान नहीं है, लेकिन हरिवंश ने इस जिम्मेदारी को धैर्य, संयम और निष्पक्षता के साथ निभाया है।
उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए हरिवंश संसदीय कार्यप्रणाली की बारीकियों को समझने में मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत साबित होंगे।
राधाकृष्णन ने विश्वास जताया कि हरिवंश आगे भी इसी समर्पण, निष्पक्षता और कर्तव्यबोध के साथ इस पद की गरिमा बनाए रखेंगे।
सदस्यों द्वारा हरिवंश बधाई देने के पश्चात सभापति ने करीब एक बजे उनसे सदन की कार्यवाही का संचालन करने के लिए कहा।
उपसभापति हरिवंश आसन पर आए और उन्होंने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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