Rahul Gandhi Parliament Speech: ‘बार-बार पीएम का मजाक उड़ाना गलत’, स्पीकर ने कार्यवाही से क्यों हटाए राहुल गांधी के शब्द? सदन में हुआ हंगामा
Rahul Gandhi Parliament Speech: राहुल गांधी ने संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी।
Rahul Gandhi Parliament Speech/Image Credit: IBC24,in
- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी महिला आरक्षण बिल पर संसद में भाषण दिया।
- राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर अपनी बात रखी।
- स्पीकर ने राहुल गांधी के शब्दों को कार्यवाही से हटाया।
Rahul Gandhi Parliament Speech: नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी महिला आरक्षण बिल पर संसद में भाषण दिया। राहुल गांधी ने संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि, महिलाएं देश की सोच और समाज की दिशा तय करने में एक “ड्राइविंग फोर्स” की भूमिका निभाती हैं और हर व्यक्ति ने अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है। राहुल गांधी ने महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके सशक्तिकरण पर सभी को गंभीरता से विचार करना चाहिए, लेकिन मौजूदा बिल को लेकर उन्होंने कई सवाल भी खड़े किए। वहीं स्पीकर ने राहुल गांधी के कई शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया है।
स्पीकर ने राहुल के शब्दों को कार्यवाही से हटाया
इस मामले में केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि, राहुल के भाषण से हमें आपत्ति नहीं है। वह कहते हैं कि आपॅरेशन सिंदूर एक जादू था, उसका मजाक बना रहे हैं। उसको जादू कहते हैं। रक्षामंत्री ने कहा है हम भी कह रहे हैं भाषण नियम के तहत दीजिए। बार-बार पीएम का मजाक उड़ाना गलत। पीएम आपका और मेरा नहीं है। (Rahul Gandhi Parliament Speech) इसके बाद स्पीकर ने आपत्तिजनक शब्दों को हटाया। राहुल गांधी ने जब फिर बोलना शुरु किया, उन्होंने कहा, दरअसल भाजपा के अंदर कंफ्यूजन चल रहा है। इतने में स्पीकर ने राहुल से बैठने को कहा। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया गया।
संविधान से ऊपर मनुवाद- राहुल गांधी
Rahul Gandhi Parliament Speech: संसद में बोलते हुए, लोकसभा के विपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘संविधान से ऊपर मनुवाद…अमित शाह कहते हैं कि, जाति जनगणना शुरू हो गई है। उन्होंने चालाकी दिखाने की कोशिश में दो बार दोहराया कि घरों की कोई जाति नहीं होती। मुद्दा यह है कि क्या जाति जनगणना का इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के लिए किया जाएगा या नहीं। अब, आप जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह है कि जाति जनगणना का अगले 15 वर्षों के लिए प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना नहीं है।’
महिला आरक्षण बिल का नहीं किया समर्थन
राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि “पहला सच यह है कि यह महिलाओं का बिल नहीं है और इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल के जरिए देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश की जा रही है। परिसीमन के मुद्दे को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि जब तक जाति जनगणना नहीं होती, (Rahul Gandhi Parliament Speech) तब तक इस तरह के बड़े बदलावों को लागू करना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार, बिना स्पष्ट आंकड़ों के आरक्षण और सीटों के पुनर्विन्यास से सामाजिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
Rahul Gandhi Parliament Speech: अपने संबोधन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों पर भी टिप्णी की और कहा कि “प्रधानमंत्री और मेरे बीच कोई व्यक्तिगत दिक्कत नहीं है।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति नीतियों और निर्णयों को लेकर है।
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