क्या भारत से गुजर चुका कोरोना का पीक टाइम? बीते 10 दिनों में कम हुए कोरोना के नए मामले… देखिए

क्या भारत से गुजर चुका कोरोना का पीक टाइम? बीते 10 दिनों में कम हुए कोरोना के नए मामले... देखिए

क्या भारत से गुजर चुका कोरोना का पीक टाइम? बीते 10 दिनों में कम हुए कोरोना के नए मामले… देखिए
Modified Date: November 29, 2022 / 08:44 pm IST
Published Date: September 27, 2020 9:18 am IST

नई दिल्‍ली । भारत में पिछले 10 दिनों में रोज आने वाले कोरोना मरीजों की औसत संख्‍या घटी है। जिससे यह साबित हो रहा है कि कोविड 19 का ग्राफ नीचे आ रहा है। महामारी शुरू होने के बाद, 17 सितंबर को देश में सबसे ज्यादा केस 97,894 मामले दर्ज किए गए थे। 18 से 27 सितंबर के बीच का वक्‍त ऐसा रहा है जब औसत संख्या में गिरावट देखी गई। वह भी तब, जब टेस्‍ट्स का 7 दिन पर औसत 17 सितंबर को 10.7 लाख से बढ़कर 25 सितंबर को 11.2 लाख हो गया। यानी ज्‍यादा टेस्‍ट के बावजूद केसेज के औसत में बढ़त नहीं हुई। 17 सितंबर को डेली केसेज का औसत (7 दिन का) 93,199 था। यह महामारी शुरू होने के बाद का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।

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यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन ऐंड कंट्रोल (ECDC) के पास मौजूद डेटा के अनुसार, तब से यह लगातार कम हो रहा है। इससे पहले भी लगातार गिरावट देखी गई है मगर वह दो दिन से ज्‍यादा नहीं टिकी। इसका मतलब यह नहीं कि भारत में कोरोना का सबसे खराब दौर गुजर चुका है। अभी ऐसा कह पाना मुश्किल है। अन्‍य देशों के अनुभव बताते हैं कि लंबे वक्‍त तक केसेज गिरने के बाद अचानक से बढ़े हैं। उदाहरण के दौर पर अमेरिका में कोविड का पहला पीक 11 अप्रैल को आया था, तब 7 दिन पर केसेज का औसत 31,942 हो गया था। 29 मई तक यह और गिरकर 20,638 हो गया। लेकिन फिर यह बढ़ना शुरू हुआ और 20 जुलाई को एक और पीक पर पहुंचा जब 7 दिनी औसत 66,903 हो गया। 13 सितंबर तक यह गिरकर 34,320 हुआ लेकिन 26 सितंबर आते-आते फिर बढ़कर 44,109 हो गया है। रूस, स्‍पेन, फ्रांस और यूके में भी लंबे वक्‍त तक केसेज में गिरावट के बाद, नए मामलों में इजाफा हो रहा है।

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एक दिन के आंकड़ों के बजाय 7 दिन के औसत से बेहतर तस्‍वीर मिलती है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि टेस्ट्स की संख्‍या के चलते डेली केसेज की संख्‍या में खासा अंतर हो सकता है। कुछ देशों में कोरोना की सेकेंड और थर्ड वेव का मतलब यह नहीं कि भारत में भी वैसा ही होगा। दुनिया के जिन 10 देशों में कोविड के सबसे ज्‍यादा मामले हैं, उनमें से ब्राजील, कोलंबिया, मेक्सिको और साउथ अफ्रीका ने अब तक दूसरा पीक नहीं देखा है। ब्राजील और साउथ अफ्रीका में जुलाई के आखिर में कोरोना पीक पर पहुंचा था लेकिन उसके बाद से केसेज घटे हैं। कोलंबिया और मेक्सिको में भी अगस्‍त के बाद से कोरोना का पीक नहीं आया है। भारत में राज्यों का डेटा दिखाता है कि कुछ राज्‍यों में कोरोना मामलों का डेली एवरेज कम हुआ है, जबकि कुछ में बढ़ रहा है।

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भारत में महाराष्‍ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्‍तर प्रदेश में मामलों का 7 दिन का औसत घटने लगा है। इन्‍हीं राज्‍यों में कोरोना के सबसे ज्‍यादा मामले सामने आए हैं। अन्‍य बड़े राज्‍यों की बात करें तो अगस्‍त के बाद से बिहार में भी कोरोना की रफ्तार कम हुई है। हालांकि केरल, गुजरात, राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में डेली केसेज की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। असम, तेलंगाना और दिल्‍ली उन राज्‍यों में से हैं जहां कई बार पीक देखने को मिला है। ऐसे में यह मान लेना कि एक बार केस कम होने शुरू हुए तो गिरते ही चले जाएंगे, ठीक नहीं होगा।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com