उच्च न्यायालय ने कैफे विस्फोट संबंधी टिप्पणी को लेकर करंदलाजे के खिलाफ जांच पर रोक लगाई
उच्च न्यायालय ने कैफे विस्फोट संबंधी टिप्पणी को लेकर करंदलाजे के खिलाफ जांच पर रोक लगाई
(फाइल फोटो के साथ)
बेंगलुरु, 22 मार्च (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भाजपा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे के खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले में आगे की जांच पर शुक्रवार को रोक लगा दी।
यह मामला बेंगलुरु में एक प्रदर्शन के दौरान उनके उस बयान को लेकर दर्ज किया गया था जिसमें शहर के रामेश्वरम कैफे विस्फोट के संदिग्ध को तमिलनाडु से जोड़ा गया था।
निर्वाचन आयोग की एक टीम ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत करंदलाजे के खिलाफ यहां कॉटनपेट पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
ये धाराएं धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर नागरिकों के विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता की भावना बढ़ाने से संबद्ध हैं।
न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित की एकल पीठ ने संबद्ध पक्षों को नोटिस जारी किया और मामले की जारी जांच पर रोक लगा दी।
न्यायाधीश ने भाजपा नेता को सार्वजनिक रूप से बयान देने में सावधानी बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सभी दलों के नेताओं को एक सभ्य समाज में संयम बरतना चाहिए। उन्होंने इस तरह की मर्यादा कायम नहीं रखे जाने की स्थिति में भारत के भविष्य पर चिंता जताई।
करंदलाजे ने मंगलवार को बेंगलुरु में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा था, ‘‘कर्नाटक में कानून-व्यवस्था खराब हो गई है। तमिलनाडु से आए लोग यहां बम लगाते हैं, दिल्ली से आए लोग ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हैं और केरल से आए लोग तेजाब हमले में शामिल थे।’’
हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली थी और कहा कि वह अपना बयान वापस ले रही हैं।
भाषा सुभाष माधव
माधव

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