अयोग्य करार दिये गए पूर्व विधायकों के पेंशन एक महीने में जारी करें: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय

अयोग्य करार दिये गए पूर्व विधायकों के पेंशन एक महीने में जारी करें: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय

अयोग्य करार दिये गए पूर्व विधायकों के पेंशन एक महीने में जारी करें: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय
Modified Date: April 10, 2026 / 04:59 pm IST
Published Date: April 10, 2026 4:59 pm IST

शिमला, 10 अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने मार्च 2024 में दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य करार दिये गए पूर्व विधायकों राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर की याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य विधानसभा के सचिव को सात अप्रैल, 2026 से एक महीने के भीतर उनकी ‘देय और स्वीकार्य’ पेंशन के बकाये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि यदि बकाया राशि का भुगतान निर्धारित अवधि के भीतर नहीं किया जाता है, तो विधानसभा सचिव बकाया राशि के देय होने की तिथि से अंतिम भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज देने के लिए उत्तरदायी होंगे।

अदालत के आदेश की प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई।

आदेश में कहा गया है कि दोनों पूर्व विधायकों द्वारा दाखिल याचिकाओं में यह दलील दी गई है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा (सदस्यों के भत्ते और पेंशन) संशोधन विधेयक, 2024 को राज्य सरकार द्वारा वापस ले लिया गया है।

इसमें कहा गया कि इसके बाद, राज्य विधानमंडल द्वारा एक नया विधेयक पारित किया गया, जिसमें यह प्रावधान है कि ‘‘14वीं विधान सभा में या उसके बाद निर्वाचित कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम के तहत पेंशन का हकदार नहीं होगा, यदि वह संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित किया गया हो’’।

आदेश के मुताबिक, नए विधेयक का दायरा भावी प्रकृति का है और यह केवल 14वीं विधानसभा के बाद चुने गए विधायकों तक ही सीमित है, जबकि वर्तमान रिट याचिका दाखिल करने वाले याचिकाकर्ता 12वीं और 13वीं विधानसभा में विधायक चुने गए थे और वे नए पारित विधेयक के दायरे में नहीं आते हैं।

अदालत कहा कि परिणामस्वरूप, नए पारित विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, दोनों याचिकाकर्ता पिछली अवधियों के लिए पेंशन के हकदार बने रहेंगे।

हाल में संपन्न बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा द्वारा पारित विधेयक के अनुसार, गगरेट से चैतन्य शर्मा और कुटलेहर विधानसभा क्षेत्र से देवेंद्र भुट्टो सहित दो नवनिर्वाचित विधायकों को पेंशन लाभ से वंचित कर दिया जाएगा।

दोनों उन छह विधायकों में शामिल हैं, जिन्हें मार्च 2024 में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने अयोग्य घोषित कर दिया था।

रवि ठाकुर और राजेंद्र राणा 2024 के विधानसभा उपचुनाव हार गए थे और दोनों 14वें विधानसभा कार्यकाल के लिए पेंशन के हकदार नहीं होंगे। हालांकि, उन्हें 12वीं और 13वीं विधानसभा के कार्यकाल के दौरान दी गई सेवा के लिए पेंशन मिलेगी।

भाजपा के टिकट पर दोबारा निर्वाचित हुए सुधीर शर्मा और इंदर दत्त लखनपाल नए प्रावधानों से प्रभावित नहीं होंगे।

फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ करने और कटौती प्रस्तावों तथा बजट कार्यवाही के दौरान पार्टी व्हिप की अवहेलना करने के बाद उस वक्त कांग्रेस के सदस्य रहे इन सभी छह विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


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