हिमाचल: प्रवेश कर में वृद्धि के विरोध में पंजाब और हरियाणा सीमा पर प्रदर्शन; यातायात बाधित
हिमाचल: प्रवेश कर में वृद्धि के विरोध में पंजाब और हरियाणा सीमा पर प्रदर्शन; यातायात बाधित
शिमला/बिलासपुर/ऊना (हिप्र), एक अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश में वाहनों के लिए संशोधित प्रवेश कर लागू होने के बाद विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुआ, जिससे राज्य में पंजाब और हरियाणा से लगी सीमाओं पर बुधवार को हलचल रही और इस दौरान यातायात कई बार बाधित रहा।
पंजाब के नाराज़ लोगों ने सुबह बिलासपुर ज़िला स्थित किरतपुर-नेरचौक सड़क में गरमोड़ा टोल पर ‘चक्का जाम’ किया और सीमावर्ती जिलों में पंजीकृत वाहनों को छूट देने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रवेश कर वापस लेने की घोषणा की थी लेकिन इसके बाद भी यह जारी है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, ‘‘हिमाचल के निवासी हमारे भाई हैं और हमारी उनसे कोई लड़ाई नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब छोटे यात्री वाहनों पर प्रवेश कर वापस लेने की घोषणा की गई थी, तो फिर कल रात से प्रवेश के समय 100 रुपये की रसीद क्यों दी जा रही है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो कर नहीं लगाए जा सकते। जब हम ‘टोल टैक्स’ दे रहे हैं, तो प्रवेश शुल्क का कोई मतलब नहीं है।’’
उन्होंने यह बात कहते हुए चक्का जाम वापस लेने से इनकार कर दिया।
हालांकि, अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाई जाएगी और उन्होंने इसे सुलझाने के लिए 10 दिन का समय मांगा। इस आश्वासन के बाद लगभग पांच घंटे जारी रहा चक्का जाम समाप्त किया गया और वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई।
सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि पांच सीट और छह से 12 सीट वाले यात्री वाहनों पर प्रवेश शुल्क में की गई वृद्धि को वापस लिया जाएगा, लेकिन बाद में शाम को एक अधिसूचना जारी की गई जिसमें कहा गया, ‘‘आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यात्री वाहनों के लिए ‘टोल टैक्स’ की दर 130 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दी है।’’
यहां 16 फरवरी को जारी की गई एक अधिसूचना में यह घोषणा की गई कि छोटे यात्री वाहनों पर लगने वाला कर 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया जाएगा। इस बढ़ोतरी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया मिलने के बाद कर को 130 रुपये पर निर्धारित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि इस मुद्दे पर जान-बूझकर कुछ भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि ज़्यादातर श्रेणियों के लिए यह बढ़ोतरी मामूली है। उन्होंने कहा था कि प्रवेश स्थानों के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को पास जारी करके राहत प्रदान की जाएगी।
भाषा यासिर रंजन
रंजन

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