हैदराबाद पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, 52 लोग गिरफ्तार

हैदराबाद पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, 52 लोग गिरफ्तार

हैदराबाद पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, 52 लोग गिरफ्तार
Modified Date: April 19, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: April 19, 2026 10:39 pm IST

हैदराबाद, 19 अप्रैल (भाषा) हैदराबाद पुलिस ने रविवार को कहा कि उसने नौ राज्यों में 52 आरोपियों को गिरफ्तार करके एक अखिल भारतीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0’ के तहत कार्रवाई करते हुए मिलीभगत के आरोप 32 बैंक अधिकारियों, 15 फर्जी खाताधारकों और पांच बिचौलियों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा कि हाल में शुरू किए गए अभियान के तहत उन बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी बैंक खाते खोलने में शामिल पाए गए थे। उन्होंने बताया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया जाता था।

पुलिस ने कहा कि निवेश संबंधी घोटालों, व्यापार धोखाधड़ी और ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ के मामलों में काफी वृद्धि हुई है, जिसमें धोखेबाज हेराफेरी, धमकी और भावनात्मक दबाव के माध्यम से पीड़ितों का शोषण करते हैं, जिससे भारी वित्तीय नुकसान होता है।

पुलिस ने कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, इन अवैध नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस-1’ की परिकल्पना की गई थी।

इसने कहा कि इस तरह की धोखाधड़ी के मामलों में हुई वृद्धि की गहन जांच के माध्यम से, साइबर अपराध पुलिस थाने (सीसीपीएस) ने पीड़ितों के धन की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 350 बैंक खातों के एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

पुलिस ने कहा कि ये खाते देशभर में लगभग 850 मामलों से जुड़े थे जिनमें लगभग 150 करोड़ रुपये के लेनदेन शामिल थे।

पुलिस के अनुसार इस वर्ष फरवरी में 32 पुलिस टीम द्वारा 16 राज्यों में ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस-1’ चलाया गया था, जिसके तहत 117 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

इसने बताया कि ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस-1’ के परिणामों के आधार पर ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0’ शुरू किया गया था।

पुलिस ने बताया कि ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0’ को नौ राज्यों में एक साथ अंजाम दिया गया जिसमें महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार में बैंक अधिकारियों को लक्षित करने के लिए 16 विशेष टीम तैनात की गई थीं।

भाषा देवेंद्र रंजन

रंजन


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