विवादित वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं : भगवंत मान
विवादित वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं : भगवंत मान
(फोटो सहित)
चंडीगढ़, 25 जून (भाषा) एक विवादित वीडियो को लेकर विपक्षी दलों की बढ़ती आलोचनाओं के बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को दोहराया कि वह उस वीडियो में नहीं थे और दावा किया कि आपत्तिजनक क्लिप में दिख रहे व्यक्ति ने उनके चेहरे जैसा दिखने वाला मास्क पहना हुआ था।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर विपक्षी दलों कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर धार्मिक मुद्दों को लेकर उन्हें बदनाम करने के साठगांठ करने का आरोप लगाया।
मान ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक वीडियो दिखाया और दावा किया कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने जो मास्क पहना था, वह उनके चेहरे जैसा था। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहे उस व्यक्ति की गर्दन पर वह निशान भी नहीं था जो उनके है, और इस बात पर ज़ोर दिया कि उस कथित वीडियो में वह नहीं थे।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कनाडा में रहने वाला एक व्यक्ति यह मास्क लेकर आया था। उसकी पहचान उन्होंने जगमन समरा के रूप में की और उसे ‘‘ब्लैकमेलर’’ बताया।
मान ने एक और वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि समरा उस नकाब को पकड़े हुए था, जो उनके चेहरे जैसा दिखता है। उन्होंने कहा, ‘‘इस नकाब को हाथ में पकड़े हुए इस ब्लैकमेलर ने इसे किसी और व्यक्ति को पहनाकर वीडियो बनाया।’’
मान ने दावा किया कि यह वीडियो कनाडा के एक होटल के कमरे में बनाया गया था। मुख्यमंत्री कहा कि वह नवंबर 2016 के बाद से कनाडा नहीं गए हैं।
मान ने कहा, ‘‘मैं कहता आ रहा हूं कि उस वीडियो में मैं नहीं हूं, क्योंकि वीडियो क्लिप में दिख रहे व्यक्ति की लंबाई और शारीरिक बनावट मुझसे मेल नहीं खाती है।’’
मान ने कहा कि वह आने वाले दिनों में बताएंगे कि वीडियो का निर्माता और निर्देशक कौन है।
वीडियो से जुड़ा विवाद बढ़ने पर, बुधवार को मान ने विपक्षी पार्टियों पर आरोप लगाया कि वे धार्मिक मुद्दों के जरिए उन्हें बदनाम करने के लिए एकजुट हो गई हैं। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उन्हें दोषमुक्त करने वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट जाली थी।
हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को उनसे जुड़े विवादित वीडियो के मामले में कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के आरोप से संबंधित शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया था।
यह घटनाक्रम उस राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है, जो एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर शुरू हुआ था। इसी मामले में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने 15 जून को मान के खिलाफ आदेश जारी किया था।
भाषा आशीष धीरज
धीरज

Facebook


