न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया जारी, जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार : रीजीजू

न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया जारी, जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार : रीजीजू

न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया जारी, जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार : रीजीजू
Modified Date: January 27, 2026 / 05:39 pm IST
Published Date: January 27, 2026 5:39 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया जारी है और सरकार उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

बिरला ने न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने के लिए बहुदलीय नोटिस स्वीकार करने के बाद पिछले साल 12 अगस्त को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन किया था।

न्यायमूर्ति वर्मा को 14 मार्च को दिल्ली उच्च न्यायालय से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में तब वापस भेज दिया गया था, जब उनके आधिकारिक आवास पर नोटों के जले हुए बंडल मिले थे।

यह पूछे जाने पर कि क्या बुधवार से शुरू होने वाले संसद के आगामी बजट सत्र से पहले इस मामले पर चर्चा की जाएगी, रीजीजू ने टिप्पणी करने से इनकार किया।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रक्रिया के अनुसार, सदन की सहमति से अध्यक्ष द्वारा गठित समिति को मामला भेज दिया गया है और प्रक्रिया जारी है।’’

जांच समिति में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बी वी आचार्य शामिल हैं।

उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति और बर्खास्तगी की प्रक्रिया से परिचित अधिकारियों ने बताया कि संसद के किसी भी सदन में सांसदों के सामने अपना पक्ष रखते हुए न्यायमूर्ति वर्मा यह घोषणा कर सकते हैं कि वह पद छोड़ रहे हैं और उनके मौखिक बयान को उनका इस्तीफा माना जाएगा।

यदि न्यायमूर्ति वर्मा इस्तीफा देने का निर्णय लेते हैं, तो वह उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को मिलने वाली पेंशन और अन्य लाभों के हकदार होंगे।

अधिकारियों ने बताया कि अगर संसद द्वारा उन्हें पद से हटाया जाता है, तो उन्हें पेंशन और अन्य लाभों से वंचित होना पड़ेगा।

भाषा

नेत्रपाल माधव

माधव


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