तमिलनाडु में ‘मार्ग से जुड़े विवाद’ को लेकर दो गांवों के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया

तमिलनाडु में ‘मार्ग से जुड़े विवाद’ को लेकर दो गांवों के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया

तमिलनाडु में ‘मार्ग से जुड़े विवाद’ को लेकर दो गांवों के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया
Modified Date: April 23, 2026 / 06:11 pm IST
Published Date: April 23, 2026 6:11 pm IST

तूतीकोरिन, 23 अप्रैल (भाषा) महान तमिल कवि एवं क्रांतिकारी सुब्रमण्य भारती के जन्मस्थान एट्टायपुरम में एक अलग तरह का विद्रोह देखने को मिला है। तमिलनाडु के विलाथिकुलम विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली इस नगर पंचायत के कुलथुवैपत्ती और कुमारगिरी गांवों के ग्रामीणों ने “एक मार्ग पर वर्षों से जारी विवाद” को लेकर चुनाव का बहिष्कार करने का संकल्प लिया है।

दोनों गांवों के ग्रामीणों का क्षेत्र के उस मार्ग के सार्वजनिक इस्तेमाल को लेकर एक श्रीलंकाई शरणार्थी शिविर के निवासियों के साथ वर्षों से विवाद है, जो शिविर से होकर कृषि भूमि की ओर जाता है। इस साल 18 अप्रैल को तनाव चरम पर पहुंच गया, जब दोनों पक्षों के बीच पथराव के बाद संबंधित मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया।

एक दशक तक धरना-प्रदर्शन से लेकर अनशन और यहां तक कि तहसीलदार कार्यालय के घेराव तक, विरोध के विभिन्न तरीके आजमाने के बावजूद “समस्या का समाधान न होने से” नाराज ग्रामीणों ने अब अपनी मांग मनवाने का दबाव बढ़ाने के लिए विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का फैसला किया है।

विलाथिकुलम में पंचायत यूनियन प्राइमरी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को पुष्टि की कि वहां कुल 983 मतदाता पंजीकृत हैं, लेकिन दोपहर तक केवल पांच वोट डाले गए।

उन्होंने बताया कि यह मतदान केंद्र कुलथुवैपत्ती और कुमारगिरी के अलावा थुनाइकनपत्ती और अम्माम्पादम के मतदाताओं के लिए भी निर्धारित है।

तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए मतदान बृहस्पतिवार को हुआ।

भाषा पारुल नरेश

नरेश


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