भारतीय नागरिकों के शव वापस लाने के लिए कतर के अधिकारियों के संपर्क में है भारत : विदेश मंत्रालय

भारतीय नागरिकों के शव वापस लाने के लिए कतर के अधिकारियों के संपर्क में है भारत : विदेश मंत्रालय

भारतीय नागरिकों के शव वापस लाने के लिए कतर के अधिकारियों के संपर्क में है भारत : विदेश मंत्रालय
Modified Date: June 23, 2026 / 10:26 pm IST
Published Date: June 23, 2026 10:26 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर स्थित एक फैक्टरी में हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले 12 भारतीय नागरिकों के शवों की पहचान करने और उन्हें वापस लाने के लिए भारत, कतर के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।

कतर एनर्जी एलएनजी द्वारा संचालित बरजान स्थानीय गैस आपूर्ति इकाई में हुए विस्फोट में भारतीयों समेत 66 लोग घायल हो गए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बहुत दुखद… रास लाफान गैस फील्ड में हुए विस्फोट की घटना में हमारे 12 नागरिकों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हुए हैं।’’

जायसवाल ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि अलग-अलग देशों के करीब 66 लोग घायल हुए हैं। हमें यह नहीं पता कि उनमें से कितने भारतीय नागरिक हैं। लेकिन, जो लोग घायल हुए हैं, वे सभी सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। हम शवों की पहचान करने और उन्हें भारत लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों से बात कर रहे हैं।’’

उनसे पूछा गया था कि कतर में हुई घटना में भारतीय नागरिकों की मौत के बाद भारत क्या कदम उठा रहा है।

जायसवाल ने कहा, ‘‘हम इस बेहद दुखद हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के संपर्क में हैं।’’

दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कतर के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कल रात रास लाफान में हुई घटना में दुर्भाग्य से 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई।’’

कतर के अधिकारियों का हवाला देते हुए भारतीय दूतावास ने कहा था कि सभी घायलों की हालत स्थिर है और उनका उपयुक्त उपचार किया जा रहा है।

सोमवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान, कतर के ऊर्जा मंत्री साद बिन शरीदा अल-काबी ने पुष्टि की कि इस घटना में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के 13 लोगों की मौत हुई है।

अधिकारियों के अनुसार, घायल लोग कतर, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, घाना, तंजानिया, नाइजीरिया और नेपाल की नागरिकता वाले हैं।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


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