भारत ने अंद्राबी की सजा पर पाकिस्तान की ‘ओछी’ बयानबाजी सिरे से खारिज की
भारत ने अंद्राबी की सजा पर पाकिस्तान की ‘ओछी’ बयानबाजी सिरे से खारिज की
नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) भारत ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को दी गई उम्रकैद की सजा की पाकिस्तान द्वारा की गई निंदा को बुधवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस्लामाबाद को ‘ओछी’ बयानबाजी करने के बजाय अपने देश में हो रहे व्यवस्थित मानवाधिकार उल्लंघनों पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कश्मीरी अलगाववादी और दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने मामले में अंद्राबी की दो सहयोगियों- सोफी फेहमीदा और नाहिदा नसरीन, को भी इसी मामले में दोषी पाए जाने पर 30 साल कैद की सजा सुनाई।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अंद्राबी और उसकी दो सहयोगियों को दी गई सजा की निंदा की और उसे (अंद्राबी को) ‘‘कश्मीर मुद्दे की मुखर समर्थक’’ बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन और उसके सदस्यों के समर्थन में पाकिस्तान द्वारा जारी किए गए बयान को सिरे से खारिज करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों या उसकी न्यायिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि एक ऐसा देश जो लंबे समय से आतंकवाद को प्रायोजित करता रहा है, उसने हिंसा और निर्दोष लोगों की हत्या को उचित ठहराने वाला ऐसा बयान जारी किया है।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘झूठी और बेबुनियाद बयानबाजी करने के बजाय, पाकिस्तान को उन गंभीर और व्यवस्थित मानवाधिकार उल्लंघनों पर आत्मचिंतन करना चाहिए जिन्हें वह लगातार अंजाम दे रहा है।’’
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश

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