पश्चिम एशिया में संकट के बीच भारत आपूर्ति शृंखलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठा रहा है : राजनाथ

पश्चिम एशिया में संकट के बीच भारत आपूर्ति शृंखलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठा रहा है : राजनाथ

पश्चिम एशिया में संकट के बीच भारत आपूर्ति शृंखलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठा रहा है : राजनाथ
Modified Date: May 11, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: May 11, 2026 9:30 pm IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच भारत ने आपूर्ति शृंखलाओं की सुरक्षा और निर्बाध ऊर्जा प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए ठोस उपाय लागू किए हैं।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखने के लिए गठित अनौपचारिक मंत्री समूह (आईजीओएम) की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार वैश्विक अस्थिरता को संतुलित करने के लिए समुद्री सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया, जिसमें भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने के प्रयासों के तहत ईंधन की खपत में कटौती करना शामिल था।

इस बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और बंदरगाह एवं जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आईजीओएम को सूचित किया गया कि देश सुरक्षित है और किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कोई कमी नहीं है, जबकि अधिकांश अन्य देशों ने घरेलू ईंधन की खपत को नाटकीय रूप से कम करने के लिए आपातकालीन उपाय किए हैं।

इसमें कहा गया है, “भारत के पास 60 दिनों के लिए कच्चे तेल, 60 दिनों के लिए प्राकृतिक गैस और 45 दिनों के लिए एलपीजी का स्टॉक है। विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब अमेरिकी डॉलर के आरामदायक स्तर पर है।”

मंत्रालय ने कहा, “भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल शोधक और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को निर्यात करता है और घरेलू मांग को पूरा कर रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बहुत अधिक स्तर पर बनी रहने के कारण देश को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।”

मंत्रालय ने कहा कि ईंधन की बचत से इस “बोझ” को कम किया जा सकता है।

इसमें कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक व्यवधानों, आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों और बढ़ती कीमतों से निपटने में देश की मदद करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की जनता से की गई अपील में पेट्रोलियम उत्पादों के उपयोग में विवेकपूर्णता और अनावश्यक खपत को कम करने पर जोर दिया गया है ताकि राजकोषीय बोझ को कम किया जा सके।

रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री की अपील को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया।

सिंह ने कहा, “मंत्रालयों और राज्यों को समन्वित तरीके से ईंधन दक्षता, जन जागरूकता और जिम्मेदार उपभोग व्यवहार को संस्थागत रूप देने के उपाय निर्धारित करने चाहिए।”

उन्होंने लोगों से शांत रहने और किसी भी तरह की घबराहट से बचने का आग्रह किया क्योंकि आपूर्ति शृंखलाओं में कमी या व्यवधान को रोकने के लिए सभी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

भाषा प्रशांत माधव

माधव


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