भारतीय नौसेना का जंगी पोत ‘नीलगिरि’ आईएफआर में हिस्सा लेने ऑस्ट्रेलिया पहुंचा

भारतीय नौसेना का जंगी पोत ‘नीलगिरि’ आईएफआर में हिस्सा लेने ऑस्ट्रेलिया पहुंचा

भारतीय नौसेना का जंगी पोत ‘नीलगिरि’ आईएफआर में हिस्सा लेने ऑस्ट्रेलिया पहुंचा
Modified Date: March 24, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: March 24, 2026 8:20 pm IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि फ्रिगेट श्रेणी का स्वदेशी और स्टील्थ भारतीय पोत ‘नीलगिरि’ रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी की स्थापना की 125वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ‘फ्लीट रिव्यू’ (आईएफआर) में भाग लेने के लिए सिडनी पहुंच गया है। यह भारत की परियोजना 17ए का प्रमुख जहाज है।

आईएफआर एक तरह से एक विशेष नौसैनिक समारोह है जिसके तहत कोई देश अपने पोतों, प्रौद्योगिकी और शक्ति का प्रदर्शन करता है।

उन्होंने बताया कि ‘रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी’ (आरएएन) के समुद्री बहुपक्षीय अभ्यास ‘काकाडू’ के पहले चरण के पूरा होने के बाद यह पोत 21 मार्च को सिडनी पहुंचा।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा पोत की विदेशी तैनाती की दिशा में एक अहम उपलब्धि है और भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग को रेखांकित करती है।

भारतीय नौसेना ने कहा कि आईएनएस नीलगिरि की दक्षिणी गोलार्द्ध और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में कई विदेशी नौसेनाओं के साथ तैनाती, व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक सुरक्षित, सहयोगात्मक और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के निर्माण में भारत की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है।

पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल संजय भल्ला, भारतीय नौसेना के अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर) से संबंधित विभिन्न बहुपक्षीय गतिविधियों में भाग लेने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, रियर एडमिरल आलोक आनंद, आईएफआर के अंतर्गत आयोजित होने वाले नौसैनिक कमांडरों के सम्मेलन में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करेंगे।

अधिकारी ने कहा कि इस दौरे के तहत आईएनएस नीलगिरि विभिन्न पेशेवर चर्चाओं, अभ्यास योजना गतिविधियों, विषय विशेषज्ञ आदान-प्रदान और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेगा।

इस वर्ष फरवरी में विशाखापत्तनम में संपन्न हुए आईएफआर में आरएएन का प्रतिनिधित्व एएनजेडएसी श्रेणी के फ्रिगेट एचएमएएस वारामुंगा ने किया था।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


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