‘इंडिया’ के घटक दलों को संविधान संशोधन विधेयक पर मिलकर प्रतिक्रिया तय करनी चाहिए: उमर
‘इंडिया’ के घटक दलों को संविधान संशोधन विधेयक पर मिलकर प्रतिक्रिया तय करनी चाहिए: उमर
(फोटो के साथ)
श्रीनगर, 15 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों को संविधान संशोधन विधेयक 2026 पर सामूहिक रूप से विपक्ष की प्रतिक्रिया तय करनी चाहिए।
उमर ने श्रीनगर में ‘अपने कारीगर को जानें’ पहल के उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से कहा कि बुधवार दोपहर तीन बजे दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) के घटकों दलों की बैठक निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा, “मैं बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली जाऊंगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस का क्या करने या क्या नहीं करने का इरादा है, इस पर हम उस बैठक में चर्चा करेंगे, क्योंकि हम इस मुद्दे पर अकेले कुछ नहीं कर सकते। ‘इंडिया’ के घटक दलों को सामूहिक रूप से तय करना होगा कि इस विधेयक पर हमारी क्या प्रतिक्रिया होगी और संसद में हमारी क्या भूमिका होगी-चाहे लोकसभा में हो या राज्यसभा में।’’
जब उमर से पूछा गया कि क्या परिसीमन का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि यह देखना बाकी है कि विधेयक का उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाना है या आम मतदाताओं को।
मुख्यमंत्री ने 2023 में जम्मू-कश्मीर में किए गए परिसीमन का हवाला देते हुए कहा, “हमारे पिछले अनुभव के आधार पर वे कह सकते हैं कि परिसीमन से हमें फायदा होगा। हालांकि, उस परिसीमन के तहत एक ही पार्टी या उसके समर्थकों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई थी।”
उन्होंने कहा, “यहां जिस तरह से सीटों का आवंटन किया गया, जिस तरह से निर्वाचन क्षेत्रों का सीमांकन किया गया, जिस तरह से उनकी सीमाएं निर्धारित की गईं और जिस तरह से कुछ मतदाताओं को एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया – उसका उद्देश्य किसी न किसी तरह से यह सुनिश्चित करना था कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को फायदा मिले।”
उमर ने कहा, “अगर संविधान संशोधन विधेयक-2026 को सिर्फ इस इरादे से पेश किया जा रहा है कि इसकी अंतिम लाभार्थी भाजपा हो, न कि आम मतदाता, तो यह कुछ ऐसा है, जिसके बारे में हमें सोचना होगा। लेकिन पहले आज हमें इस पर चर्चा कर लेने दीजिए और ‘इंडिया’ के घटक दलों को अपनी प्रतिक्रिया तैयार कर लेने दीजिए, उसके बाद हम बात करेंगे।”
भाषा
राजकुमार पारुल
पारुल

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