अंतर-राज्य अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार लोग गिरफ्तार: पंजाब पुलिस

अंतर-राज्य अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार लोग गिरफ्तार: पंजाब पुलिस

अंतर-राज्य अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार लोग गिरफ्तार: पंजाब पुलिस
Modified Date: April 2, 2026 / 06:18 pm IST
Published Date: April 2, 2026 6:18 pm IST

चंडीगढ़, दो अप्रैल (भाषा) पंजाब पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि उसने चार लोगों को गिरफ्तार कर एक अंतर-राज्य अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि पटियाला में दस अत्याधुनिक स्वचालित हथियार भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर के जरंग डीह गांव के निवासी सौरभ कुमार, पंजाब के एसएएस नगर के सोहाना के रहने वाले साजन , पटियाला के गुरदीप कॉलोनी अबलोवाल के निवासी अभिषेक उर्फ काका और पटियाला के ओल्ड बिशन नगर के रहने वाले इंदरजीत सिंह उर्फ रोहित के रूप में हुई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बिहार से हथियार मंगवाकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों के लिए उनकी तस्करी कर रहे थे।

डीजीपी ने बताया कि जांच में यह संकेत भी मिला है कि यह मामला गैंग प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा है, जिसमें इलाके में दबदबा कायम करने के लिए गोल्डी ढिल्लों नेटवर्क से जुड़े एक प्रतिद्वंद्वी अपराधी को निशाना बनाने की साजिश थी।

उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मामले की जांच की जा रही है।

कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वरुण शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बिहार का निवासी सौरभ कुमार विदेश में मौजूद आकाओं के निर्देश पर कुख्यात अपराधियों को स्वचालित पिस्तौल की तस्करी कर रहा है।

शर्मा ने कहा कि पटियाला के पुलिस अधीक्षक (अन्वेषण) गुरबंस सिंह बैंस और उप अधीक्षक हरमन चीमा की निगरानी में टीमों ने जाल बिछाकर हथियारों की तस्करी में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि कुमार मुजफ्फरपुर में अवैध रूप से स्थापित हथियार निर्माण इकाइयों से हथियार जुटाकर विभिन्न परिवहन माध्यमों के जरिए पंजाब भेज रहा था।

प्रारंभिक पूछताछ में यह भी पता चला कि अभिषेक सोशल मीडिया मंच के जरिए कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के संपर्क में था और गैंगवार में सक्रिय रूप से शामिल था।

भाषा जोहेब देवेंद्र

देवेंद्र


लेखक के बारे में