इसरो अध्यक्ष ने पीएसएलवी-सी62 के प्रक्षेपण से पहले तिरुपति में पूजा अर्चना की

इसरो अध्यक्ष ने पीएसएलवी-सी62 के प्रक्षेपण से पहले तिरुपति में पूजा अर्चना की

इसरो अध्यक्ष ने पीएसएलवी-सी62 के प्रक्षेपण से पहले तिरुपति में पूजा अर्चना की
Modified Date: January 10, 2026 / 04:46 pm IST
Published Date: January 10, 2026 4:46 pm IST

तिरुपति, 10 जनवरी (भाषा) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी नारायणन ने शनिवार को तिरुपति स्थित प्रसिद्ध वेंकेटेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की।

उनकी यह यात्रा ईओएस-एन1 ‘पृथ्वी अवलोकन उपग्रह’ को 14 अन्य उपग्रहों के साथ अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करने के लिए प्रस्तावित पीएसएलवी-सी62 मिशन से पहले हुई है।

इसरो के अधिकारी नारायणन के साथ थे। वे मंदिर में प्रार्थना करते समय प्रक्षेपण यान की एक लघु प्रतिकृति अपने साथ ले गए थे।

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उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह मिशन 12 जनवरी को अंजाम दिया जाएगा।

नारायणन ने कहा, ‘‘12 जनवरी को हम ईओएस-एन1 उपग्रह को ले जाने वाले पीएसएलवी-सी62 को प्रक्षेपित करने जा रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि मिशन के लिए लक्षित कक्षा एक ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा है।

इस मिशन के लिए 25 घंटे की उलटी गिनती 11 जनवरी को शुरू होगी। यह पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी।

पीएसएलवी के जरिये अबतक 63 मिशन को अंजाम दिया जा चुका है, जिनमें महत्वाकांक्षी चंद्रयान-1, मंगलयान मिशन और आदित्य-एल1 मिशन शामिल हैं।

इसरो के मुताबिक इस मिशन के तहत प्रक्षेपित किये जाने वाला रॉकेट मुख्य रूप से थाईलैंड और ब्रिटेन द्वारा निर्मित एक ‘पृथ्वी अवलोकन उपग्रह’ के साथ 14 अन्य उपग्रहों को लेकर उड़ान भरेगा। इन्हें प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट बाद इच्छित सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

यह इसरो का इस साल का पहला प्रक्षेपण होगा। नारायणन ने कहा कि इस मिशन के साथ भारतीय धरती से प्रक्षेपण किए गए विदेशी उपग्रहों की कुल संख्या 442 हो जाएगी।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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