‘संदेहपूर्ण’ मतदाताओं के मुद्दे को चुनाव बाद छह महीने में सुलझा लिया जाएगा: हिमंत

‘संदेहपूर्ण’ मतदाताओं के मुद्दे को चुनाव बाद छह महीने में सुलझा लिया जाएगा: हिमंत

‘संदेहपूर्ण’ मतदाताओं के मुद्दे को चुनाव बाद छह महीने में सुलझा लिया जाएगा: हिमंत
Modified Date: April 7, 2024 / 10:19 pm IST
Published Date: April 7, 2024 10:19 pm IST

होजाई, सात अप्रैल (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य के बंगाली-हिंदू समुदाय के ‘संदेहपूर्ण’ (डाउटफुल या डी) मतदाताओं के मुद्दे को चुनाव के छह महीने के अंदर सुलझा लिया जाएगा।

शर्मा ने काजीरंगा लोकसभा क्षेत्र के होजाई में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाली-हिंदू समुदाय के ‘संदेहपूर्ण’ मतदाताओं के मुद्दे को चुनाव के बाद छह महीने में स्थायी रूप से सुलझा लिया जाएगा।

‘डी-मतदाता’ वो हैं, जो अपनी भारतीय नागरिकता के पक्ष में सबूत नहीं दे सके। ‘डी-वोटर’ का मुद्दा असम के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सबसे विवादास्पद विषयों में से एक है।

असम में ‘डी-वोटर’ की अवधारणा निर्वाचन आयोग ने 1997 में शुरू की थी। यह भारत में कहीं और लागू नहीं है।

इस साल फरवरी में राज्य विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य में 96,987 ‘डी-वोटर’ हैं।

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप


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