‘यह मेरे जीवन का सबसे बुरा फोन कॉल था’: दुर्घटना में परिवार के पांच सदस्यों को खोने वाला व्यक्ति

'यह मेरे जीवन का सबसे बुरा फोन कॉल था': दुर्घटना में परिवार के पांच सदस्यों को खोने वाला व्यक्ति

‘यह मेरे जीवन का सबसे बुरा फोन कॉल था’: दुर्घटना में परिवार के पांच सदस्यों को खोने वाला व्यक्ति
Modified Date: June 19, 2025 / 06:26 pm IST
Published Date: June 19, 2025 6:26 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) साठ वर्षीय तनवीर अहमद बुधवार की सुबह एक फोन कॉल से नींद से जागे तो एक ऐसी आवाज सुनायी दी, जिसे वे पहचान नहीं पाए। उन्हें बताया गया कि उनके परिवार के छह सदस्यों (जिनमें उनके तीन बच्चे भी शामिल हैं) को लेकर जा रही कार पलटने से उसमें आग लग गयी है और सभी लोग अब भी कार में हैं।

उन्हें बहुत बुरा होने की आशंका थी, लेकिन शायद यह सच नहीं था। तनवीर ने बदायूं में अपने भाई और पत्नी को फोन करके पुष्टि की कि क्या वे वाकई उस सुबह दिल्ली के लिए निकले थे।

अहमद ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया, ‘यह मेरे जीवन का सबसे बुरा फोन कॉल था।’

जहांगीराबाद-बुलंदशहर मार्ग पर चांदौक चौराहे के पास सुबह 5:50 बजे उनके परिवार के छह सदस्यों को ले जा रही एक कार पलट गई और उसमें आग लग गई।

पुलिस ने बताया कि संभवतः सुबह के समय चालक को झपकी आ गई होगी। उसने बताया कि सुबह-सुबह होने वाली कई दुर्घटनाओं की तरह यह कार एक पुलिया से टकराकर पलट गई और उसमें आग लग गई।

पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गयी, जिनमें उनका बेटा तनवीज अहमद (26), उनकी बहू निदा (21), उनकी बेटी मोमिना (24), उनके दामाद जुबेर अली (30) और उनका दो वर्ष का पोता जैनुल।

तनवीर की 15 वर्षीय बेटी गुलनाज बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आईं।

गुलनाज ने ही तनवीर का फोन नंबर उस व्यक्ति को दिया था जिसने सुबह उसे फोन करके दुर्घटना की जानकारी दी थी।

उन्होंने बताया, ‘मेरा परिवार बदायूं में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहा था। दुर्घटना सुबह-सुबह हुई। पंद्रह वर्षीय गुलनाज जिंदा है और उसे किसी ने बचा लिया।’

यह परिवार मूल रूप से बदायूं के चमनपुरा गांव का रहने वाला था, लेकिन दक्षिणी दिल्ली में मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में रहता था। उनके पिता ने बताया कि तनवीज एक एसी मिस्त्री था और जुबेर घर की रंगाई-पुताई का काम करता था।

हौज रानी में फर्नीचर का व्यवसाय करने वाले तनवीर ने बताया कि उन्हें सुबह करीब छह बजे यह परेशान करने वाला फोन आया।

उन्होंने कहा, ‘फोन करने वाले ने मुझे मेरे बेटे की कार की स्थिति के बारे में बताया और तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने को कहा। उस समय गुलनाज बोल नहीं पा रही थी, लेकिन किसी तरह उसने मेरा नंबर याद कर लिया।’

तनवीर बदायूं में शादी में भी शामिल हुए थे, लेकिन मंगलवार शाम को दिल्ली लौट आए। तनवीज और जुबेर ने दिल्ली के यातायात जाम से बचने के लिए बुधवार सुबह जल्दी निकलने का फैसला किया।

भाषा

शुभम माधव

माधव


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