झारखंड उच्च न्यायालय ने नौकरी संबंधी परीक्षाएं रद्द करने को चुनौती देने वाली याचिका एकल पीठ को भेजी

झारखंड उच्च न्यायालय ने नौकरी संबंधी परीक्षाएं रद्द करने को चुनौती देने वाली याचिका एकल पीठ को भेजी

झारखंड उच्च न्यायालय ने नौकरी संबंधी परीक्षाएं रद्द करने को चुनौती देने वाली याचिका एकल पीठ को भेजी
Modified Date: August 31, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: August 31, 2026 10:21 pm IST

रांची, 31 अगस्त (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका सोमवार को एकल न्यायाधीश को भेज दी।

सरकार ने इस महीने की शुरुआत में, कथित अनियमितताओं के कारण 2014 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और एक आउटसोर्स एजेंसी द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं तथा उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द कर दिया था।

आदित्य भास्कर और आयुष कुमार वर्मा की ओर से दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई की।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे जेपीएससी द्वारा आयोजित दीवानी न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी हैं। उन्होंने परीक्षा तथा उससे जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी।

सुनवाई के दौरान, खंडपीठ को बताया गया कि जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं को रद्द करने को चुनौती देने वाली ऐसी ही याचिकाएं पहले से ही उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के समक्ष लंबित हैं।

खंडपीठ ने इस दलील पर गौर करते हुए याचिका को संबंधित एकल न्यायाधीश के पास भेज दिया जो पहले से ही इससे जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई कर रहे हैं।

भाषा नेत्रपाल सुरेश

सुरेश


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