बैंक से पैसे निकालने के वास्ते बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचे जीतू मुंडा ने शुद्धिकरण रस्म पूरी की

बैंक से पैसे निकालने के वास्ते बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचे जीतू मुंडा ने शुद्धिकरण रस्म पूरी की

बैंक से पैसे निकालने के वास्ते बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचे जीतू मुंडा ने शुद्धिकरण रस्म पूरी की
Modified Date: May 6, 2026 / 11:12 pm IST
Published Date: May 6, 2026 11:12 pm IST

क्योंझर (ओडिशा), छह मई (भाषा) हाल में अपनी बहन की मौत साबित करने और पैसे निकालने के लिए उनका कंकाल लेकर ग्रामीण बैंक जाने से सुर्खियों में आए जीतू मुंडा ने बुधवार को आदिवासी परंपरा के अनुसार शुद्धिकरण की रस्म पूरी की और समुदाय के लोगों को भोज दिया।

मुंडा जनजाति अपने मृतकों को दफ़नाती है। उनके अवशेषों को कब्र से बाहर निकालना अपवित्र माना जाता है। यदि किसी भी कारणवश शव को कब्र से बाहर निकाला जाता है, तो शुद्धिकरण अनुष्ठान करना आवश्यक होता है।

जीतू मुंडा (50) ने 27 अप्रैल को अपनी बहन कालरा मुंडा (56) के कंकाल को कब्र से बाहर निकाला था और लगभग तीन किलोमीटर पैदल चलकर वह ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा पहुंचे थे एवं वहां अधिकारी के सामने अपनी बहन की मृत्यु के प्रमाण के तौर पर उस कंकाल को प्रस्तुत किया था। कालरा मुंडा की जनवरी में मृत्यु हो गयी थी।

जीतू मुंडा को अपनी मृत बहन के खाते से 19,402 रुपये तब मिले जब मुंडा का कंकाल ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया में प्रसारित हो गया। राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए।

जीतू मुंडा ने बताया कि जब उन्होंने कब्र से कंकाल निकाला, तो समुदाय के बड़ों ने उनसे कहा कि वह शुद्धिकरण के रीति-रिवाज पूरे करे, वरना उसे सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘समुदाय के प्रमुखों के सुझाव पर, आज कुछ रस्म पूर्ण करने के बाद मैं और मेरे परिवार के सदस्य शुद्ध हो गए हैं। हमारे समुदाय में किसी मृत व्यक्ति के अवशेषों को खोदकर निकालना अपवित्र कार्य माना जाता है।’’

ओडिशा के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया दियानाली गाँव में आयोजित शुद्धिकरण अनुष्ठान में शामिल हुए। वह भी आदिवासी समुदाय से हैं।

मंत्री ने इस अनुष्ठान के लिए आवश्यक कपड़े और कुछ अन्य सामग्री भेंट की।

भाषा

राजकुमार अविनाश

अविनाश


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