जम्मू-कश्मीर सरकार 1947 में पाक सेना के हमले में मारे गए लोगों की याद में ‘नरसंहार दिवस’ मनाए: चुघ

जम्मू-कश्मीर सरकार 1947 में पाक सेना के हमले में मारे गए लोगों की याद में ‘नरसंहार दिवस’ मनाए: चुघ

जम्मू-कश्मीर सरकार 1947 में पाक सेना के हमले में मारे गए लोगों की याद में ‘नरसंहार दिवस’ मनाए: चुघ
Modified Date: June 23, 2026 / 05:21 pm IST
Published Date: June 23, 2026 5:21 pm IST

श्रीनगर, 23 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार को 1947 में कबायली लोगों के भेष में पाकिस्तानी सेना द्वारा किये गए हमले में मारे गए लोगों की याद में ‘नरसंहार दिवस’ (होलोकॉस्ट डे) मनाना चाहिए।

उन्होंने कहा,‘‘पाकिस्तानी सेना ने कबायली लोगों के भेष में यहां हमला किया, कश्मीरी नागरिकों की हत्या की, यहां की बेटियों के साथ बलात्कार किया और 96 घंटों तक लगातार जम्मू-कश्मीर में लूटपाट और हत्याएं कीं। यह एक नरसंहार था।’’

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर सरकार को इसको लेकर ‘नरसंहार दिवस’ मनाना चाहिए।’’

भाजपा नेता जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 73वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए यहां आए थे।

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को दिखाने के लिए एक वृत्तचित्र बनाना चाहिए और उसे सभी को दिखाया जाना चाहिए।

चुघ ने कहा, ‘‘इस पर किताबें लिखी जानी चाहिए। उस दौर में हुई हत्याओं के रिकॉर्ड लोगों के सामने लाए जाने चाहिए।’’

उन्होंने जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के कामकाज के बारे में कहा कि सरकार को अपने शासन का रिपोर्ट कार्ड पेश करना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘जनता जवाब मांग रही है — आपने क्या किया है? अब अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाएं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करें। वादों को पूरा करने और उनकी रिपोर्ट पेश करने के बजाय, अक्षम और असफल उमर अब्दुल्ला सरकार सवाल पूछ रही है। उन्हें अपने काम का हिसाब देना चाहिए।’’

चुघ ने लखनऊ अग्निकांड को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह बहुत ही ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’’ थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) और उपमुख्यमंत्री (ब्रजेश पाठक) घटनास्थल पर पहुंचे और उस भीषण आग से लोगों को बचाने की कोशिशें की गईं। यह घटना बहुत दुखद है। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’’

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


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