जोर बाग का नाम बदलकर ‘अनुपम कॉलोनी’ नहीं किया गया है : एनडीएमसी
जोर बाग का नाम बदलकर ‘अनुपम कॉलोनी’ नहीं किया गया है : एनडीएमसी
नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने शनिवार को स्पष्ट किया कि जोर बाग का नाम बदलकर ‘अनुपम कॉलोनी’ नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह नाम उन कॉलोनी को दिया जाता है जो सतत जीवन स्तर के उच्च मानक बनाए रखती हैं।
यह स्पष्टीकरण शिवसेना (उबाठा) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की गयी एक पोस्ट के जवाब में आया है। इस पोस्ट में चतर्वेदी ने लिखा था कि दिल्ली की सबसे पॉश कॉलोनियों में से एक से ‘गौरवान्वित होने का अधिकार’ छीन लिया गया है। हालांकि, बाद में शिवसेना (उबाठा) नेता ने स्वीकार किया कि उन्होंने एनडीएमसी की घोषणा को गलत समझा था।
चतुर्वेदी की पोस्ट के जवाब में चहल ने कहा कि उनके द्वारा साझा किया गया परिपत्र जोर बाग का नाम बदलकर ‘अनुपम कॉलोनी’ करने की घोषणा ‘नहीं’ है, बल्कि एनडीएमसी की सतत विकास पहल के तहत इलाके को आधिकारिक तौर पर ‘अनुपम कॉलोनी’ घोषित करने के लिए है।
उन्होंने कहा, ‘‘नाम नहीं बदला गया है। अनुपम महज एक प्रमाणन टैग है।’’
चहल ने बताया कि औपचारिक घोषणा रविवार को जोर बाग में होगी, साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ‘अनुपम कॉलोनी’ पहल एनडीएमसी की विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक मॉडल परियोजना है और इसका उद्देश्य उन कॉलोनियों को मान्यता देना है जो अपशिष्ट पृथक्करण और टिकाऊ जीवन शैली में मानक स्थापित करती हैं।
चहल के मुताबिक, जिन कॉलोनियों को यह टैग दिया जाता है, उनके लिए स्रोत पर ही कचरे का 100 प्रतिशत पृथक्करण (ठोस एवं गीले कचरे को अलग) करना, खाद इकाइयों के माध्यम से गीले और बागवानी कचरे का प्रसंस्करण करना, मशीनीकृत धूल रहित सफाई प्रणालियों का उपयोग करना और लैंडफिल में भेजे जाने वाले कचरे को कम से कम करना आवश्यक है।
एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने पोस्ट किया कि जोर बाग उन अन्य कॉलोनियों में शामिल हुआ है जिन्हें पहले से ही यह टैग दिया जा चुका है, जिनमें न्यू मोती बाग, काका नगर, बापू धाम और आराधना कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी शामिल हैं।
चतुर्वेदी ने एनडीएमसी के स्पष्टीकरण के बाद पोस्ट किया कि उन्हें सूचित किया गया है कि यह ‘‘नाम परिवर्तन नहीं बल्कि एनडीएमसी द्वारा उन सोसाइटी को मान्यता देने की एक पहल है जो आत्मनिर्भर, शून्य-अपशिष्ट जीवन शैली के लिए मानक स्थापित कर रही हैं।’’
उन्होंने जोर बाग को बधाई दी और कहा कि कॉलोनी के ‘‘गर्व करने का अधिकार अब और भी प्रबल हो गया है।’’
भाषा धीरज माधव
माधव

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