कर्नाटक लोकायुक्त ने बागलकोट में अवैध रेत खनन को लेकर मामला दर्ज किया

कर्नाटक लोकायुक्त ने बागलकोट में अवैध रेत खनन को लेकर मामला दर्ज किया

कर्नाटक लोकायुक्त ने बागलकोट में अवैध रेत खनन को लेकर मामला दर्ज किया
Modified Date: May 21, 2026 / 08:03 pm IST
Published Date: May 21, 2026 8:03 pm IST

बेंगलुरु, 21 मई (भाषा) कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने कृष्णा नदी के तल में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन को लेकर खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों तथा बागलकोट जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है।

यह मामला बेंगलुरु स्थित खान एवं भूगर्भ विज्ञान विभाग के निदेशक, बागलकोट जिले में विभाग के उपनिदेशक, बागलकोट के उपायुक्त तथा बादामी, मुधोल, जमखंडी, हुनागुंड और इलकल तहसीलों के तहसीलदारों के खिलाफ दर्ज किया गया है।

बागलकोट जिले में कृष्णा नदी के तल में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन की शिकायतों के बाद, बागलकोट के पुलिस अधीक्षक एवं कर्नाटक लोकायुक्त ने कथित अनियमितताओं की जांच के बाद एक रिपोर्ट सौंपी।

बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हुनागुंड, इलकल, मुधोल और बादामी तालुकों में अवैध रेत खनन व्यापक रूप से व्याप्त पाया गया।

जांच में पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करते हुए मशीनों का उपयोग करके नदी तल में अंधाधुंध और अवैध खुदाई किये जाने का खुलासा होने के बाद, लोकायुक्त पुलिस को अचानक निरीक्षण करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का अधिकार दिया गया।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘कर्नाटक लोकायुक्त, बागलकोट के पुलिस अधीक्षक ने पड़ोसी जिलों के लोकायुक्त अधिकारियों के साथ 24 स्थानों पर औचक निरीक्षण किया।’

इसमें कहा गया है, ‘छापेमारी में कुल 28 अधिकारी और 90 कर्मचारी शामिल थे। यह पाया गया कि अवैध रेत खनन गतिविधियों में 65 टिपर (एक तरह के डंपर), 18 उत्खनन मशीनें, 14 यांत्रिक नौका, छह ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन शामिल थीं।’

लोकायुक्त ने कहा कि अवैध रूप से निकाली गई रेत की भारी मात्रा कई स्थानों पर जमा पाई गई और प्रथम दृष्टया बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के प्रमाण मिले हैं।

खान एवं भूगर्भ विज्ञान, राजस्व, वन एवं पर्यावरण विभागों के अधिकारियों, आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) अधिकारियों, तालुक पंचायत कार्यकारी अधिकारियों और संबंधित पुलिस कर्मियों को अवैध रेत खनन में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

भाषा

राखी सुभाष

सुभाष


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