केसीआर की बेटी कविता 25 अप्रैल को अपने नये राजनीतिक दल की घोषणा करेंगी

केसीआर की बेटी कविता 25 अप्रैल को अपने नये राजनीतिक दल की घोषणा करेंगी

केसीआर की बेटी कविता 25 अप्रैल को अपने नये राजनीतिक दल की घोषणा करेंगी
Modified Date: March 27, 2026 / 07:17 pm IST
Published Date: March 27, 2026 7:17 pm IST

हैदराबाद, 27 मार्च (भाषा) तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने शुक्रवार को कहा कि वह 25 अप्रैल को अपने नये राजनीतिक दल के गठन की घोषणा करेंगी, जिसका मुख्य ध्यान ‘तेलंगाना-केंद्रित’ मुद्दों पर होगा।

निजामाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का नाम और झंडा 25 अप्रैल को सुबह 10 बजे हैदराबाद के बाहरी इलाके मुनीराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषित किया जाएगा।

प्रमुख दलों द्वारा किसानों सहित आम लोगों के मुद्दों की उपेक्षा किये जाने का आरोप लगाते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता ने कहा कि ‘सर्वोदय तेलंगाना’ (सभी की प्रगति) हासिल करने के लिए राज्य में एक नई राजनीतिक शक्ति की आवश्यकता है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी की घोषणा से जुड़े कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के किसी नेता को आमंत्रित किया जाएगा, तो उन्होंने नकारात्मक जवाब दिया और कहा कि उनकी पार्टी ‘तेलंगाना की क्षेत्रीय पार्टी’ होगी।

उन्होंने कहा, ‘बीआरएस ने तेलंगाना को छोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की घोषणा करके अपना लक्ष्य खो दिया। तेलंगाना में अब कोई क्षेत्रीय पार्टी नहीं है। इसलिए, हमारी जागृति हर घर की पार्टी होगी। यह तेलंगाना की क्षेत्रीय पार्टी होगी।’

कविता ने कहा कि उनकी प्रस्तावित पार्टी का ’95 प्रतिशत’ ध्यान तेलंगाना और उसकी समस्याओं पर केंद्रित होगा, और संगठन के पास राष्ट्रीय मुद्दों से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय समिति होगी।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी पार्टी की ‘बी टीम’ नहीं होगी, बल्कि तेलंगाना में ‘नंबर वन’ बनकर उभरेगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बीआरएस कार्यकर्ताओं को अपने साथ शामिल करना चाहेंगी, तो उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता उनके साथ हैं।

कविता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी में युवाओं और महिलाओं का विशेष महत्व होगा।

महिलाओं का समर्थन मांगते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने इतने वर्षों में पुरुषों द्वारा गठित पार्टियां देखी हैं, इसलिए महिलाओं को उनकी नई पार्टी का समर्थन करना चाहिए।

भाषा तान्या संतोष

संतोष


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