केजरीवाल ने देश की आर्थिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, पेपर लीक के मामलों पर जताई चिंता
केजरीवाल ने देश की आर्थिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, पेपर लीक के मामलों पर जताई चिंता
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर ईंधन, सोना, विदेश यात्राओं और अन्य मद में खर्चों में कटौती की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद सोमवार को केंद्र सरकार से देश के आर्थिक हालात पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल किया, “क्या यह किसी आर्थिक आपातकाल के आने की आहट है? क्या देश गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया है? ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।”
उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री जी को देश के सामने सच्चाई रखनी चाहिए। आखिर देश के असल आर्थिक हालत क्या है?”
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी केंद्र की आर्थिक और व्यापार नीतियों पर चिंता जताई।
उन्होंने ‘स्वदेशी’ अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार और निवेश से जुड़ी नीतियों में भी उसी के अनुरूप स्थिरता होनी चाहिए।
मान ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कृषि क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।
इसके अलावा केजरीवाल ने नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक को लेकर चिंता जताई और कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “हर साल सात करोड़ युवा इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले तथा सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षाएं देते हैं। लेकिन पेपर लीक गिरोह इन युवाओं के विश्वास और मनोबल को तोड़ रहे हैं।”
उन्होंने पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष

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